कोटकपूरा फायरिंग केस: चंडीगढ़ जिला अदालत में सुखबीर बादल की पेशी
Punjab News Live -PNL
September 3, 2026
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चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब के बहुचर्चित और करीब 11 साल पुराने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में वीरवार को पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल चंडीगढ़ जिला अदालत में पेश हुए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की सुनवाई चंडीगढ़ में की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, सुखबीर बादल हाल ही में अदालत से अनुमति लेकर विदेश गए थे। विदेश से वापस लौटने के बाद उन्होंने वीरवार को अदालत में पेश होकर अपनी हाजिरी दर्ज करवाई। इस दौरान उनके वकील राजेश कुमार राय भी उनके साथ मौजूद रहे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 अक्टूबर, 2026 की तारीख तय की है।
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर, 2015 को फरीदकोट जिले के बरगाड़ी बेअदबी कांड के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में बड़े स्तर पर प्रदर्शन हो रहे थे। इसी दौरान पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की गई थी।
इस फायरिंग में बहिबल कलां में सरावां गांव के गुरजीत सिंह और नियामीवाला गांव के कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी। वहीं कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे। यह मामला लंबे समय से पंजाब की राजनीति और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ चल रही कार्यवाही उनके निधन के बाद समाप्त हो चुकी है। अब अदालत में बाकी आरोपियों के खिलाफ चल रही कार्यवाही के साथ-साथ उनके लंबित आवेदनों पर सुनवाई जारी है।
इससे पहले 1 अगस्त, 2026 को हुई सुनवाई के दौरान सुखबीर सिंह बादल और पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए थे। सैनी की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने की अनुमति के लिए अदालत में अलग से आवेदन भी दाखिल किया गया था, जिस पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा गया था।
उसी सुनवाई के दौरान पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परमराज सिंह उमरानंगल ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट मांगी थी। मेडिकल दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने उन्हें उस दिन की पेशी से राहत दे दी थी।
इसी प्रकार आरोपी चरनजीत सिंह शर्मा की ओर से भी स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए व्यक्तिगत पेशी से छूट का आवेदन दिया गया था। अदालत ने उन्हें भी उस दिन के लिए राहत दी थी, लेकिन अगली सुनवाई पर उचित मेडिकल प्रमाण पत्र पेश करने के निर्देश दिए थे।
1 अगस्त की सुनवाई में मोहाली के फेज-11 थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर अमन बैदवान भी अदालत में पेश हुए थे। उन्होंने अपना बयान दर्ज कराने के बाद मामले से जुड़ी स्टेटस रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंपी थी।
सरकार की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक हरभजन कौर ने अदालत से रिपोर्ट को देखने के बाद उसे सीलबंद रखने का अनुरोध किया था। अदालत ने रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद उसे दोबारा सीलबंद कर सुरक्षित रखने के आदेश दिए थे। अब इस बहुचर्चित मामले में सभी की निगाहें 17 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं।