लुधियाना में हेड टीचर की क्लासरूम में मौत:राउंड पर आए, पानी दिया तो गिलास पकड़ते ही गिरे; ड्रग सेंसस के वक्त अटैक हुआ था
Punjab News Live -PNL
September 2, 2026
ताजा खबर, पंजाब, लुधियाना
लुधियाना , (PNL) : लुधियाना के सरकारी प्राइमरी स्कूल में हेड टीचर की क्लासरूम में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वो हर रोज की तरह बच्चों की क्लास में राउंड पर थे। प्री-प्राइमरी क्लास में पहुंचकर बच्चों और टीचर से बातचीत के दौरान अचानक उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की।
क्लास में मौजूद एक टीचर ने पानी दिया, लेकिन गिलास पकड़ते ही हेड टीचर मुंह के बल जमीन पर गिर पड़े। साथी टीचर्स दौड़कर आए और उन्हें संभालने की कोशिश की और CPR भी दी। इसके बाद टीचर्स उन्हें मोहल्ला क्लिनिक में ले गए। उसके बाद उन्होंने एंबुलेंस बुलाई और उन्हें डीएमसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
करीब डेढ़-दो महीने पहले ड्रग सेंसस की ड्यूटी के दौरान उन पर हमला हुआ था। गांव में सर्वे के दौरान कुछ नशेड़ियों ने उन पर चाकू से हमला कर दिया था, जिसमें उनकी छाती पर गंभीर चोट लगी थी।
उधर, हेड टीचर के निधन की सूचना मिलते ही परिजन भी DMC अस्पताल पहुंच गए। जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। आज उनका पैतृक गांव ललतों में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
प्राइमरी स्कूल हैबोवाल खुर्द का क्लासरूम जहां हेड टीचर की मौत हो गई। यहां अब ताला लगा है।
जानिए हेड टीचर ने आखिरी दिन स्कूल में क्या क्या किया…
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सुबह प्रेयर के बाद क्लास ली: हैबोवाल खुर्द में प्राइमरी स्कूल के टीचर हरजिंदर सिंह ने बताया कि उनके हेड टीचर हरजीत ग्रेवाल (49) मंगलवार सुबह रोजाना की तरह स्कूल आए। प्रेयर में शामिल हुए और उसके बाद उन्होंने दो क्लासें भी पढ़ाई। उसके बाद अपना दफ्तरी काम निपटाया।
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क्लास में रोजाना राउंड करते थे: टीचर ने बताया कि दोपहर में हरजीत ग्रेवाल स्कूल की क्लासों का राउंड कर रहे थे। वह अक्सर बच्चों से बातचीत करते और पढ़ाई के बारे में जानकारी लेते थे। इसी क्रम में वह करीब 12:40 बजे प्री-प्राइमरी क्लास में पहुंचे। वहां बच्चों और टीचर से बातचीत के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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अचानक सीने में हुआ दर्द: टीचर ने बताया कि हेड टीचर बच्चों से बात कर रहे थे तो अचानक उन्होंने कहा कि सीने में दर्द हो रहा है। एक टीचर ने उन्हें गिलास में उन्हें पानी दिया। उन्होंने गिलास पकड़ा ही था कि अचानक मुंह के बल नीचे गिर गए।
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टीचर ने दी CPR: टीचर हरजिंदर सिंह ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला तो वो भी अपनी क्लास से प्री नर्सरी क्लास में गए। उन्होंने फटाफट उन्हें बाहर निकाला और उन्हें सीपीआर देनी शुरू की। उनके शरीर में हलचल नहीं हुई थी तो पास के मोहल्ला क्लिनिक में ले गए और साथ ही एंबुलेंस बुला दी।
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डीएमसी पहुंचाया: उन्होंने बताया कि मोहल्ला क्लिनिक में जाने तक एंबुलेंस आ गई थी तो उन्हें सीधे डीएमसी अस्पताल ले गए। वहां जाकर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि वैसे तो उनकी मृत्यु स्कूल में ही हो गई थी। फिर भी साथी टीचर्स ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
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स्कूल के साथ SIR और ड्रग सेंसस की भी जिम्मेदारी: हरजीत ग्रेवाल की ड्यूटी स्कूल के अलावा एसआईआर व ड्रग सेंसेस में भी लगी थी। टीचर्स का कहना है कि वो अपनी ड्यूटी को लेकर बेहद गंभीर थे। स्कूल के साथ-साथ दोनों ड्यूटियां कर रहे थे।
परिवार में पत्नी और दो बच्चे
हरजीत ग्रेवाल परिवार में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। उनकी पत्नी हाउसवाइफ हैं। बड़ा बेटा खेती-बाड़ी संभालता है, जबकि बेटी कनाडा में पढ़ाई कर रही है। उनके दो बड़े भाई भी हैं। अचानक हुए निधन से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
डेढ़-दो महीने पहले ड्रग सेंसस के दौरान हुआ था हमला
टीचर हरजिंदर सिंह ने बताया कि करीब डेढ़-दो महीने पहले ड्रग जनगणना की ड्यूटी के दौरान हरजीत ग्रेवाल पर हमला हुआ था। वह ललतों कलां गांव में सर्वे कर रहे थे, तभी कुछ नशा करने वालों ने कथित तौर पर उन पर चाकू से हमला कर दिया था। उस दौरान उनकी छाती पर चाकू से गंभीर चोट लगी थी।