स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिरोजपुर में तिरंगा फहराया, हुसैनीवाला में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की
Punjab News Live -PNL
August 15, 2026
ताजा खबर, पंजाब, फिरोजपुर
फिरोजपुर , (PNL) : देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सीमावर्ती शहर फिरोजपुर के कैंटोनमेंट बोर्ड स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले, वे अपनी पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहादत स्मारक पहुंचे और शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 के विभाजन की सबसे बड़ी और भारी कीमत पंजाबियों ने चुकाई है उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि देश को आजादी दिलाने के पूरे संघर्ष में पंजाबियों का योगदान सर्वोपरि रहा है। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से वीरता और उत्कृष्ट सेवाएँ देने वाले 25 पुलिस अधिकारियों को सम्मानित किया। यह उल्लेखनीय है कि स्वतंत्रता दिवस के इस ऐतिहासिक अवसर पर पहली बार किसी सरकारी समारोह में ‘वंदे मातरम’ गाया गया।
स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर, पंजाब पुलिस ने राज्य भर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। पूरी पुलिस फोर्स अलर्ट पर है और कार्यक्रम स्थलों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखाई दे, तो पुलिस नियंत्रण कक्ष को तुरंत सूचित किया जाए।
इस कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ, पंजाब पुलिस, पंजाब पुलिस महिला विंग, हिमाचल पुलिस, पंजाब होम गार्ड्स, होम गार्ड्स महिला विंग, एनसीसी और स्काउट्स एंड गाइड्स की कुल 8 टुकड़ियां मार्च पास्ट में भाग लेंगी। परेड के बाद स्कूली छात्र पीटी शो, देशभक्ति नृत्य, पारंपरिक गिद्दा और भांगड़ा प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा, समारोह में पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और विकास कार्यों को दर्शाने वाली आकर्षक झांकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम और विभागीय झांकियां इस समारोह के मुख्य आकर्षण होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों को समारोह से संबंधित सभी व्यवस्थाओं को पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ पूरा करने का आदेश दिया गया है।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि शपथ राजभवन के बजाय शहीदों की पवित्र भूमि पर ली गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि हम ‘सरबत दा भला’ चाहने वाले लोग हैं और सभी के कल्याण के लिए प्रतिदिन हजारों लाउडस्पीकरों से प्रार्थना की जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता ने उन्हें वर्ष 2022 में राज्य की सेवा करने का ऐतिहासिक अवसर दिया है।
आम तौर पर मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह राजभवन या बड़े स्टेडियमों में आयोजित किए जाते हैं, लेकिन उन्होंने शहीदों की भूमि पर शपथ लेने का निर्णय लिया। तदनुसार, शपथ शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकर कलां की पवित्र भूमि पर ली गई। उन्होंने बताया कि सरकारी कार्यालयों में वर्तमान मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने की परंपरा को बदल दिया गया है और अब केवल दो महान हस्तियों – देश के लिए प्राणों की आहुति देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह और संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर – की तस्वीरें लगाने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, मोहाली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया है और वहां उनकी विशाल प्रतिमा भी स्थापित की गई है।
“पंजाब को तोड़ने की योजना कभी सफल नहीं होगी”
राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे पंजाब की शांति और एकता को भंग करने की कोशिश कर रही ताकतों को यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि पंजाब की धरती बेहद उपजाऊ है। यहां आप कोई भी बीज बोएंगे तो वह अंकुरित होगा, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र भूमि पर कभी पनप नहीं सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव भंग करने में लगी राष्ट्रविरोधी ताकतों को उनके नापाक मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
पड़ोसी देशों द्वारा थोपे गए युद्धों में भी पंजाबी हमेशा से अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि कुका आंदोलन, ग़दर आंदोलन और बब्बर अकाली आंदोलन में पंजाबियों का शत प्रतिशत योगदान रहा है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान शहीद भगत सिंह, शहीद उधम सिंह और शहीद करतार सिंह सराभा समेत हजारों पंजाबियों ने अपने प्राणों की आहुति दी। इनके अलावा, ऐसे अनेक गुमनाम देशभक्त भी थे जिनके नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज नहीं हैं, लेकिन उनका योगदान अतुलनीय है।
उन्होंने कहा कि जब भी किसी पड़ोसी देश ने देश पर युद्ध थोपा, पंजाबियों ने हमेशा मोर्चे पर डटकर मुकाबला किया। आज भी, कारगिल की बर्फीली चोटियों से लेकर जैसलमेर के तपते रेतीले टीलों तक, हजारों पंजाबी युवा सीना तानकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं।
सैनिकों के जज्बे को सलाम करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम गर्मी में अपने बच्चों के साथ घर में एसी और कूलर की ठंडी हवा में आराम से सो रहे होते हैं, तब हमारे बहादुर सैनिक बीकानेर के झुलसा देने वाले रेगिस्तान में रक्षा कर रहे होते हैं। इसी तरह, सर्दियों में जब तापमान -50 डिग्री तक गिर जाता है और हम रजाई ओढ़े होते हैं, तब भी हमारे सैनिक सीमाओं पर अडिग रहते हैं।