Wednesday , July 29 2026
Breaking News

ED ने बिल्डर अजय सहगल को किया अरेस्ट:15 किसानों की जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाकर लिया CLU; कई प्रोजेक्ट खड़े किए

चंडीगढ़  , (PNL) :  प्रवर्तन निदेशालय (ED) जालंधर ने मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन का चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) हासिल करने के मामले में इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी के सचिव अजय सहगल को गिरफ्तार किया है।

ED की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि 15 किसानों की 30.5 एकड़ जमीन से जुड़े फर्जी कंसेंट लेटर तैयार किए गए। इन दस्तावेजों पर जमीन मालिकों के नकली हस्ताक्षर और फर्जी अंगूठे लगाकर CLU हासिल किया गया। इसी आधार पर ‘संटेक सिटी’ नाम का बड़ा रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विकसित किया गया।

यह जांच पंजाब पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। किसानों ने शिकायत दी थी कि उनकी मंजूरी के बिना ही उनकी जमीन के दस्तावेज इस्तेमाल कर लिए गए।

संटेक सिटी के अलावा कई और प्रोजेक्ट भी खड़े किए

ED जांच में सामने आया कि अजय सहगल ने फर्जी CLU के आधार पर सिर्फ ‘सनटेक सिटी’ ही नहीं, बल्कि ‘ला कैनेला’ नाम का मल्टी-स्टोरी रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स और ‘डिस्ट्रिक्ट-7’ कमर्शियल कॉम्प्लेक्स भी विकसित किया।

जांच एजेंसी के मुताबिक इन प्रोजेक्ट्स में यूनिट्स की बिक्री RERA से मंजूरी और रजिस्ट्रेशन मिलने से पहले ही शुरू कर दी गई थी। इससे खरीदारों को भी नियमों के खिलाफ प्रोजेक्ट्स में निवेश कराया गया।

EWS प्लॉट अब तक GMADA को नहीं सौंपे

ED ने अपनी जांच में पाया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए निर्धारित प्लॉट अब तक GMADA के एस्टेट ऑफिसर को ट्रांसफर नहीं किए गए। यह भी नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।

एजेंसी का कहना है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हुई चर्चा के बावजूद सिर्फ 30 एकड़ जमीन का आंशिक CLU ही रद्द किया गया। आरोप है कि डेवलपर को बचाने के लिए पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट की धारा 90 के बजाय धारा 85 के तहत कार्रवाई की गई, ताकि ‘संटेक सिटी’ अपना बाकी स्टॉक बेच सके।

ED रेड के दौरान बालकनी से फेंके गए 21 लाख

इस मामले में ED ने 7 मई को इंडियन कोऑपरेटिव हाउस बिल्डिंग सोसायटी और ABS Township Private Limited से जुड़े 8 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

छापेमारी के दौरान एक परिसर से 21 लाख रुपए नकद बालकनी से नीचे सड़क पर फेंक दिए गए थे। पैसे सड़क पर बिखर गए, लेकिन बाद में ED अधिकारियों ने पूरी रकम बरामद कर ली।

GMADA और टाउन प्लानिंग विभाग पर भी सवाल

ED की जांच अब GMADA और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग तक पहुंच गई है। एजेंसी का दावा है कि कई अधिकारियों ने अवैध लाभ लेकर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी और रियल एस्टेट डेवलपर्स को फायदा पहुंचाया।

जांच में यह भी सामने आया है कि पंजाब में कई डेवलपर्स को नियमों के खिलाफ मंजूरियां देकर किसानों और जमीन मालिकों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया।

सूत्रों के मुताबिक ED जल्द ही इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है। एजेंसी GMADA और अन्य विभागों के उन अधिकारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन पर रिश्वत लेकर इस पूरे फर्जीवाड़े को समर्थन देने का आरोप है।

About Punjab News Live -PNL

Check Also

जगराओं में ज्वेलर्स की दुकान में तोड़फोड़ का मामला:डीजीपी से शिकायत के बाद डेढ़ साल में केस दर्ज

 लुधियाना  , (PNL) : जगराओं में एक ज्वेलर्स की दुकान में तोड़फोड़, सामान बाहर फेंकने के …

चंडीगढ़ में करंट से PhD स्कॉलर युवती की मौत:PU में गर्ल्स हॉस्टल से जाते वक्त गिरी; हरियाणा की रहने वाली

चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी (PU) में मंगलवार सुबह PhD स्कॉलर युवती की …

शहनाज गिल और जय रंधावा पहुंचे गोल्डन टेंपल:गुरु घर में नतमस्तक हुए; इश्कनामा की सफलता के लिए वाहेगुरु का किया शुकराना

अमृतस​र , (PNL) : पंजाबी फिल्म इश्कनामा की सफलता के बाद अभिनेता जय रंधावा और अभिनेत्री …

बर्लिंगटन में यौन उत्पीड़न मामले में पंजाबी युवक गिरफ्तार:महिला को रोका, बातचीत करने की कोशिश की, स्टोर तक पीछा किया

जालंधर , (PNL) : कनाडा के बर्लिंगटन स्थित GO स्टेशन के पार्किंग एरिया में महिला के …

जालंधर में अनकंट्रोल ट्रक की कार से टक्कर:दोनों वाहन क्षतिग्रस्त, लगा लंबा जाम; राहत कार्य के बीच परेशान हुए लोग

जालंधर , (PNL) : जालंधर में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे सूर्या एन्क्लेव फ्लाईओवर पर तेज …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!