चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान और चन्नी विवाद के बीच कांग्रेस हाईकमान ने बड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने पंजाब कांग्रेस के प्रभारी पद से भूपेश बघेल को हटा दिया है। उनकी जगह अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया है।
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच मतभेद चल रहे हैं। चन्नी गुट की ओर से लगातार संगठन में बदलाव और प्रदेश नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस पूरे विवाद को सुलझाने की जिम्मेदारी पहले भूपेश बघेल को दी गई थी।
हालांकि, बघेल की कोशिशों के बावजूद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी कलह पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। अगस्त में लुधियाना में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक के दौरान भी बघेल के खिलाफ नारेबाजी हुई थी, जिससे पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी खुलकर सामने आई थी।
अब कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब में नेतृत्व स्तर पर बदलाव करते हुए सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी सौंपी है। माना जा रहा है कि पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस के अलग-अलग गुटों को एकजुट करना और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करना होगी।
सचिन पायलट
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस पंजाब में राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है और विधानसभा चुनावों को लेकर संगठन को सक्रिय करने की कोशिश कर रही है। हाल ही में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने पंजाब कांग्रेस में जारी गुटबाजी को लेकर दिल्ली में बैठक भी की थी।
सचिन पायलट के सामने अब पंजाब कांग्रेस को एकजुट करने, चन्नी-वड़िंग विवाद को संभालने और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।