रिटायर्ड IPS अधिकारी की कोठी में युवती की मौत, पोस्टमॉर्टम से पहले परिजनों का हंगामा, कत्ल का आरोप, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
July 19, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब, होम
चंडीगढ़, (PNL) : शहर के सेक्टर-10 स्थित एक रिटायर्ड IPS अधिकारी की कोठी में 18 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद रविवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस जब शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल लेकर पहुंची तो मृतका के परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की भी हुई।
मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी ताप्ती (18) के रूप में हुई है। वह हाल ही में चंडीगढ़ आई थी और करीब एक सप्ताह पहले सेक्टर-10 स्थित रिटायर्ड IPS अधिकारी गुरिंदर सिंह की कोठी में घरेलू सहायिका के रूप में काम पर लगी थी।
परिजनों का आरोप- बेटी को मारकर लटकाया गया
मृतका की मामी उसमा ने आरोप लगाया कि उनकी भांजी की हत्या करने के बाद उसे फंदे से लटका दिया गया। उनका कहना है कि परिवार को घटना की सूचना भी समय पर नहीं दी गई।
परिजनों के अनुसार, जब वे कोठी पर पहुंचे तो उन्हें न तो बेटी का शव देखने दिया गया और न ही वह कमरा दिखाया गया, जहां शव मिला था। उनका आरोप है कि पुलिस पहले ही शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल ले गई थी।
‘फोन पर सिर्फ बुलाया, मौत की जानकारी नहीं दी’
मृतका की मामी ने बताया कि परिवार को फोन कर केवल इतना कहा गया कि “आकर अपनी बहन से मिल लो।” जब परिवार ने फोन पर बात कराने की बात कही तो उन्हें बताया गया कि अब बात नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि फोन पर युवती की मौत की जानकारी नहीं दी गई।
भाई का दावा- रात 11:30 बजे हुई थी आखिरी बातचीत
मृतका के बड़े भाई राहुल ने बताया कि उसकी बहन से शनिवार रात करीब 11:30 बजे दो मिनट तक बात हुई थी। उसने बताया था कि काम का दबाव ज्यादा है और उसे काफी परेशान किया जा रहा है। इसके बाद उसने सुबह जल्दी उठने की बात कहकर फोन काट दिया।
राहुल का आरोप है कि जब परिवार मौके पर पहुंचा तो वहां पहले से पुलिस मौजूद थी, लेकिन उन्हें शव देखने की अनुमति नहीं दी गई। उनका कहना है कि घटना की जानकारी भी करीब एक घंटे की देरी से दी गई।
एक सप्ताह पहले शुरू की थी नौकरी
परिजनों के अनुसार, ताप्ती उत्तर प्रदेश के हरदोई की रहने वाली थी और कुछ दिन पहले ही रोजगार के लिए चंडीगढ़ आई थी। उसने करीब एक सप्ताह पहले ही कोठी में काम शुरू किया था, जहां उसे 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की बात कही गई थी।
भाभी बोलीं- मिलने तक नहीं दिया
मृतका की भाभी सोनम ने आरोप लगाया कि परिवार को न तो युवती से मिलने दिया गया और न ही शव देखने की अनुमति मिली। उनका कहना है कि पुलिस ने शव को सीधे अस्पताल पहुंचा दिया और उनकी बात भी नहीं सुनी। उन्होंने पुलिस पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
फिलहाल जांच जारी
पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा। वहीं, परिजनों ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।