दिल्ली में राहुल गांधी से मिले प्रताप बाजवा:वेणुगोपाल बात करते नजर आए; राजा वड़िंग की प्रधानगी पर 25 अगस्त तक फैसला
Punjab News Live -PNL
August 12, 2026
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नई दिल्ली, (PNL) :पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी के बीच नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने संसद के बाहर राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान केसी वेणुगोपाल भी साथ में मौजूद रहे। वह राहुल गांधी के सात बात करते दिखे।इससे पहले मंगलवार रात सुखजिंदर सिंह रंधावा के घर में चन्नी खेमे की बैठक हुई। बैठक में प्रताप सिंह बाजवा, राणा गुरजीत, सांसद शेर सिंह गुबाया व परगट सिंह भी शामिल हुए। ये सभी नेता रंधावा के घर डिनर में शामिल हुए।उधर, भूपेश बघेल के दौरे के बाद पैदा हुई स्थिति ने हाईकमान को कन्फ्यूज कर दिया। रैलियों में जिस तरह चन्नी और उनके गुट के नेताओं के नारे लगे उससे हाईकमान राजा वड़िंग को प्रधान बनाए रखने के फैसले पर सोचने को मजबूर हो गया।
पंजाब में राहुल गांधी ने अपनी टीम को ग्राउंड पर उतार दिया है।23 जिलों में पांच टीमें वड़िंग को प्रधान बनाए रखने के सवाल पर लोगों से फीडबैक ले रही है। टीमें एक दो दिन में अपनी रिपोर्ट कंपाइल करके राहुल गांधी दफ्तर को सौंप देंगी। 25 अगस्त से पहले हाईकमान इस पर बड़ा फैसला लेगा। हाईकमान के पास फीडबैक गई है कि हर बूथ कांग्रेस मजबूत कार्यक्रमों में चन्नी गुट के नेताओं को दरकिनार किया गया।केसी वेणुगोपल ने जब चरणजीत सिंह चन्नी को बुलाकर फटकार लगाई तो राजा वड़िंग को लगा कि उनके रास्ते का कांटा साफ हो गया। उसके बाद राजा वड़िंग ने मंच से टिकटों का ऐलान करना शुरू कर दिया। यही नहीं 2027 में सरकार बनने पर लोगों को फ्री रेत की योजना भी जारी कर दी।
पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी में पूर्व सीएम एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी खेमे ने प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को घेरने के लिए अपना ‘कैप्टन’ बदल दिया है। राजा वड़िंग को बैकफुट पर लाने के लिए हाईकमान के सामने चन्नी की नहीं चली तो अब कमान नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने संभाल ली है। चन्नी गुट और राजा वड़िंग विरोधी विधायकों ने प्रताप सिंह बाजवा के जरिए राहुल गांधी को एक लेटर भेजा और और उनसे मिलने का समय मांगा है।
चन्नी को साइडलाइन करने के 4 बड़े कारण…
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राहुल गांधी से नहीं मिल पाए: चन्नी अपने गुट का पक्ष रखने के लिए लगातार राहुल गांधी से समय मांगते रहे, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें मुलाकात का समय नहीं दिया। चरणजीत चन्नी ने हाईकमान पर बहुत दबाव बनाया, लेकिन राहुल गांधी ने उन्हें मिलने का समय नहीं दिया।
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हाईकमान की फटकार और चुप्पी: पार्टी के भीतर गुटबाजी बढ़ाने को लेकर हाईकमान की सख्त चेतावनी और फटकार के बाद चन्नी को अपने कदम पीछे खींचने पड़े और उन्होंने चुप्पी साध ली। चन्नी ने पार्टी संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक में तीखे तेवर दिखाए। जिसके बाद वेणुगोपाल मीटिंग छोड़कर चले गए। इस दौरान चन्नी को हाईकमान ने फटकार लगाई।
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‘हर बूथ मजबूत’ अभियान से दूरी: राजा वड़िंग और प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल द्वारा चलाए गए ‘हर बूथ कांग्रेस मजबूत’ कार्यक्रमों से गैरहाजिर रहने के कारण वे संगठन के जमीनी कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं से कटे दिखे। हालांकि उनके समर्थक कार्यक्रमों उपस्थित रहे और चन्नी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे।
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नारे लगाने पर केसी वेणुगोपाल ने लगाई फटकार: भूपेश बघेल और राजा वड़िंग के खिलाफ पोस्टरबाजी व चन्नी के समर्थन में नारे लगाए जाने पर केसी वेणूगोपल ने उन्हें दिल्ली तलब किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। केसी वेणुगोपाल ने उन्हें अपने समर्थकों को कंट्रोल करने के लिए कहा। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी मिलते हुए।- फाइल फोटो
गुटबाजी में बाजवा के चन्नी ग्रुप से सेटिंग की तीन बड़ी वजहें…
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चन्नी गुट की बैठक में शामिल हुए: पंजाब कांगेस में चल रही गुटबाजी में बाजवा ने दोनों गुटों से दूरी बनाए रखने की बात की। बाजवा ने भूपेश बघेल को पिछले दौरे पर सबसे पहले अपने घर बुलाया। उस बैठक में राजा वड़िंग भी शामिल हुए। इसके बाद चन्नी गुट के साथ भूपेश बघेल ने जो बैठक की उसमें भी बाजवा शामिल हुए थे। हर बूथ कांग्रेस मजबूत के 18 कार्यक्रम हुए, लेकिन वह एक भी कार्यक्रम में राजा वड़िंग व भूपेश बघेल के साथ नहीं दिखे।
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चन्नी गुट को कभी गलत नहीं कहा: बाजवा गुटबाजी के बीच में खुद को सीनियर मोस्ट लीडर बताते रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने यहां तक कहा कि वो अभी इस पूरे मामले में चुप हैं। उन्होंने पंजाब में गुटबाजी खत्म करने के लिए न तो चरणजीत सिंह चन्नी गुट को आगे बढ़ने से रोका और न ही राजा वड़िंग का चन्नी गुट के साथ समझौता करवाने का प्रयास किया। चन्नी गुट के राजा वड़िंग का खुलकर विरोध करने के बाद भी कभी उन्होंने चन्नी गुट की निंदा नहीं की। यही नहीं उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व पर भी कभी सवाल नहीं उठाए।
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दबे सुर में हाईकमान के फैसले पर उठाए सवाल: 1 जुलाई को हाईकमान ने जो चुनाव कमेटियों, प्रधान, कार्यकारी प्रधान व विरोधी दल के नेता के नामों की सूची जारी की, उस पर चन्नी गुट ने सख्त एतराज जताया। वहीं राजा वड़िंग खेमे ने उसे हाईकमान का ऑर्डर मानते हुए उस पर काम करना शुरू किया। इन दोनों के बीच प्रताप सिंह बाजवा ने खुलकर हाईकमान के फैसले का विरोध नहीं किया पर वो समय समय पर दबी आवाज में फैसले पर सवाल उठाते रहे और कहते रहे कि हाईकमान को एक बार चन्नी की बात जरूर सुननी चाहिए।
विधायकों की मीटिंग में क्या हुआ, विस्तार से पढ़िए…
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मिलने का समय मांगा: बरनाला से विधायक कुलदीप सिंह काला ढिल्लों का कहना है कि प्रताप सिंह बाजवा विधानसभा में हमारे लीडर हैं। विधायकों ने उनसे राहुल गांधी से मिलने की डिमांड रखी। जिस पर उन्होंने सभी विधायकों को लेटर लिखने का सुझाव दिया। उसके बाद विधायकों ने लेटर लिखकर उस पर साइन कर दिए।
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विधायकों को भी सुना जाए: जानकारी के अनुसार विधायकों ने राहुल गांधी को जो लेटर लिखा है उसमें साफ कहा है कि पार्टी पंजाब संगठन को लेकर जो भी अंतिम फैसला सुनाएगी उससे पहले एक बार विधायकों को जरूर सुना जाए ताकि हाईकमान को पंजाब कांग्रेस की सही सूचना मिली सके।
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मनमुटाव व गुटबाजी: कुलदीप सिंह काला ढिल्लों का कहना है कि जिस घर में चार बर्तन होते हैं वो आपस में जरूर टकराते हैं। कांग्रेस पार्टी भी इससे अछूती नहीं है। उन्होंने बताया कि लेटर में पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है ताकि दोनों ग्रुप मिलकर कांग्रेस के लिए काम कर सकें।
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चुनाव पर चर्चा: उनका कहना है कि राहुल गांधी हमारे नेता हैं और पार्टी उनके मार्गदर्शन में चुनाव लड़ती है। पंजाब में कुछ महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए विधायक उनसे चुनाव पर पर्चा करके मार्गदर्शन लेना चाहते हैं। उनका कहना है कि विधायक भी राहुल गांधी के साथ अपना एक्सपीरिएंस शेयर करेंगे।
टिकट बंटवारे की पॉलिसी पर क्लियर पॉलिसी जानकारी के अनुसार बैठक में राजा वड़िंग व भूपेश बघेल के उस बयान पर चर्चा हुई जिसमें उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत से ज्यादा टिकट युवाओं को देंगे। चन्नी खेमें में ज्यादातर लीडर 50 साल से ऊपर के हैं। ऐसे में चन्नी गुट के सदस्यों को टिकट कटने का खतरा है। जानकारी के अनुसार विधायकों ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में यह भी लिखा है कि पार्टी टिकट बंटवारे की पॉलिसी को स्पष्ट करे।
अपने नेता को मिलने के लिए मांगा समय राजा वड़िंग गुट के नेता व कार्यकारी प्रधान कुलबीर सिंह जीरा का कहना है कि विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के नेतृत्व में राहुल गांधी जी से मिलने का समय मांगा है। उन्होंने बताया कि अपने नेता से मिलने का समय मांगने में कौन सी बुरी बात है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मिलने का कोई भी कांग्रेसी समय मांग सकता है।