जालंधर , (PNL) : फीफा वर्ल्ड कप में ओपनिंग मैच की शुरूआत कर इतिहास रचने वाले सरप्रीत पंजाब के जालंधर से संबंध रखते हैं। सरप्रीत का जन्म न्यूजीलैंड के आकलैंड में हुआ। उनके पिता जालंधर जबकि मां होशियारपुर के गांव ढड्डा खुर्द की रहने वाली हैं।
सरप्रीत के पिता ने 35 साल पहले न्यूजीलैंड जाकर वहां मेहनत-मजदूरी की। इसके बाद ग्रासरी स्टोर खेला और बेटे को फुटवाल के प्रेरित कर प्लेयर बनाया। सरप्रीत पहले युवा पंजाबी प्लेयर हैं, जिन्होंने फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा लिया और पहले मैच की शुरूआत की। सरप्रीत न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम (All Whites) के अटैकिंग मिडफील्डर हैं।
वे विश्व कप में खेलने वाले पहले सिख और भारतीय मूल के खिलाड़ी भी बन गए हैं। जालंधर (पंजाब) से संबंध रखने वाले 27 वर्षीय सरप्रीत ने ईरान के खिलाफ ग्रुप जी के अपने पहले मैच में शुरूआती 11 में जगह बनाई। उसने लगभग पूरा मैच खेला।
पत्नी के साथ सरप्रीत सिंह।
ऑकलैंड में ग्रासरी स्टोर चलाया
सरप्रीत सिंह का जन्म 20 फरवरी 1999 को न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में हुआ। उनके पिता रणवीर सिंह जालंधर से करीब 35 साल पहले न्यूजीलैंड चले गए थे। वहां उन्होंने ऑकलैंड में ग्रासरी स्टोर चलाया। सरप्रीत पारंपरिक पंजाबी परिवार से आते हैं और अपने माता-पिता, बड़े भाई तथा बहन का हमेशा शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने उनकी फुटबॉल यात्रा में पूरा साथ दिया।
सरप्रीत सिंह ने ईरानी गोल पर तीन शॉट लगाए
ईरान के खिलाफ मैच में न्यूजीलैंड ने 2-2 से ड्रा खेला। सरप्रीत सिंह नंबर 10 जर्सी में खेलते हुए पूरे 90 मिनट तक मैदान पर डटे रहे। उन्होंने ईरानी गोल पर तीन शॉट लगाए। न्यूजीलैंड के दोनों गोल एलियाह जस्ट ने किए, जिसमें सरप्रीत की फ्लिक पास और मूवमेंट का अहम योगदान था। सरप्रीत फिलहाल वेलिंगटन फीनिक्स के लिए खेल रहे हैं। इससे पहले वे बायर्न म्यूनिख जैसे बड़े क्लब से जुड़ चुके हैं और न्यूजीलैंड की अंडर-20 टीम के साथ भी चमके हैं।
सरप्रीत बोले- वे आने वाली पीढ़ियों के लिए रास्ता खोल रहे
सरप्रीत की यह उपलब्धि पूरे पंजाबी और सिख समुदाय के लिए गर्व की बात है। सरप्रीत ने कहा है कि वे इस जिम्मेदारी को समझते हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए रास्ता बनाना चाहते हैं। बता दें कि सरप्रीत का पंजाब से गहरा लगाव है और वो न्यूजीलैंड में पैदा होने के बाद भी पंजाबी बोलते हैं।