सिख बुजुर्गों के कातिलों के सुराग पर ₹45 लाख इनाम:सैर करते वक्त मारी थीं गोलियां, 15 साल बाद न हत्यारे मिले, न कत्ल की वजह पता
Punjab News Live -PNL
October 26, 2026
चंडीगढ़, जालंधर, ताजा खबर, पंजाब
जालंधर , (PNL) : अमेरिका के कैलिफोर्निया में 2 बुजुर्ग सिखों की गोली मारकर हत्या करने वालों का सुराग देने वालों पर 50 हजार डॉलर यानी करीब 45 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। 15 साल बीतने के बाद भी अमेरिकी पुलिस इस केस को नहीं सुलझा पाई। जिन 2 सिखों का कत्ल किया गया, वह नवांशहर और होशियारपुर के रहने वाले थे।
दोनों बुजुर्ग सैर पर निकले थे, जिस वक्त एक ट्रक में आए हमलावरों ने दोनों को गोली मार दी। इतना वक्त बीतने के बाद भी पुलिस कातिलों को पकड़ना तो दूर, उसकी वजह तक पता नहीं कर पाई है।
1. सेहत सुधारने के लिए रोज सैर पर निकलते थे दोनों बुजुर्ग गुरमेज सिंह अटवाल (78) और सुरिंदर सिंह (65) मूल रूप से पंजाब के रहने वाले थे। गुरमेज सिंह नवांशहर जिले के फराल्लाह गांव के निवासी थे। वह भारत में राजस्व विभाग में कार्यरत थे। साल 2001 में अमेरिका पहुंचने के बा, 2003 के आसपास वह अपने परिवार के साथ कैलिफोर्निया के एल्क ग्रोव में बस गए।
गुरमेज सिंह अपनी सेहत का बेहद ध्यान रखते थे। उन्हें डायबिटीज (मधुमेह) थी। ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के लिए वह रोजाना 6 से 10 मील तक पैदल चलते थे। उनकी इसी आदत के कारण उनके बेटे कमलजीत सिंह अटवाल उन्हें प्यार से ‘वॉकिंग मैन’ कहकर बुलाते थे।
वहीं, सुरिंदर सिंह होशियारपुर जिले के पंदोरी गंगा सिंह गांव के रहने वाले थे। अमेरिका आने से पहले वह भारत और लीबिया में ट्रक चलाने का काम करते थे। वह करीब 2005 में अमेरिका आए थे। उन्हें पहले कई बार दिल का दौरा पड़ चुका था और डॉक्टरों ने उन्हें नियमित रूप से टहलने की सलाह दी थी।
2. सैर करते-करते बन गए जिगरी दोस्त कमलजीत सिंह अटवाल के मुताबिक, उनके पिता गुरमेज सिंह की मुलाकात सुरिंदर सिंह से आपसी दोस्तों के जरिए हुई थी। जब सुरिंदर सिंह ने अपनी दिल की बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बारे में बताया, तो गुरमेज सिंह ने उन्हें अपने साथ सैर पर चलने का सुझाव दिया।
इसके बाद दोनों रोजाना साथ टहलने लगे। धीरे-धीरे उनके बीच गहरी दोस्ती हो गई। साथ सैर करना और बातचीत करना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया। दोनों के बीच ऐसी दोस्ती हुई कि वे एक-दूसरे के जिगरी यार बन गए।
3. 2011 में सैर के दौरान गोलियां मारीं 4 मार्च 2011 को दोनों दोस्त रोजाना की तरह दोपहर में सैर पर निकले थे। वे एल्क ग्रोव में जिनेवा पॉइंट ड्राइव के पास ईस्ट स्टॉकटन बुलेवार्ड पर टहल रहे थे। तभी एक ऊंची गाड़ी (लिफ्टेड ट्रक) उनके पास आकर रुकी। पुलिस के मुताबिक, गाड़ी में सवार हमलावर ने दोनों बुजुर्गों पर कई गोलियां चला दीं। हमला अचानक हुआ, इसलिए उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सुरिंदर सिंह ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गुरमेज सिंह अटवाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां करीब 45 दिन बाद उनकी भी मौत हो गई। इस दोहरे हत्याकांड ने एल्क ग्रोव के स्थानीय निवासियों और सिख समुदाय को झकझोर दिया।
दोनों बुजुर्ग अपने समुदाय और धार्मिक स्थल पर जाने वाले लोगों के बीच जाने-पहचाने थे। उस समय इस बात को लेकर भी चिंता जताई गई थी कि कहीं उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के कारण तो निशाना नहीं बनाया गया। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई।
पुलिस ने कातिलों के संदिग्ध ट्रक की ये तस्वीरें जारी की थीं।
15 साल बाद भी पुलिस के हाथ खाली वारदात के बाद एल्क ग्रोव पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के लिए स्थानीय समुदाय ने भी सहयोग किया। मामले में जानकारी देने वालों के लिए इनाम की घोषणाएं की गईं। पुलिस ने जांच के दौरान साइंटिफिक सबूतों और आधुनिक डीएनए तकनीक की मदद लेने की कोशिश भी की, लेकिन हत्यारों तक पहुंचने के लिए कोई निर्णायक सुराग नहीं मिला।
15 साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद ये मामला अनसुलझा है। पुलिस अब भी ऐसे लोगों से जानकारी मिलने की उम्मीद कर रही है, जो इस हत्याकांड के बारे में कुछ जानते हों।
2016 में नाम मंजूर, 2021 में खुला ‘सिंह एंड कौर पार्क’ दोनों बुजुर्गों की याद को संजोने के लिए एल्क ग्रोव शहर में एक विशेष पार्क बनाया गया। सिटी काउंसिल ने 27 जुलाई 2016 को इसका नाम ‘सिंह एंड कौर पार्क’ रखने की मंजूरी दी थी। इसके बाद अप्रैल 2021 में पार्क का उद्घाटन हुआ।
करीब 5 एकड़ में फैले इस पार्क को मुगल वास्तुकला और पंजाबी संस्कृति से प्रेरित रूप दिया गया है। यहां स्थानीय कलाकार की बनाई गई दो मूर्तियों में सिख धर्म के प्रमुख प्रतीकों को भी दर्शाया गया है। यह पार्क दोनों बुजुर्गों की स्मृति और समुदाय के प्रति उनके महत्व को सम्मान देने का प्रतीक है।
दोनों बुजुर्गों की याद में बना सिंह एंड कौर पार्क।
गवर्नर ने घोषित किया 50 हजार डॉलर का इनाम अब इस मामले को सुलझाने के लिए एक बार फिर उम्मीद जगी है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने 23 अक्टूबर 2026 को गुरमेज सिंह अटवाल और सुरिंदर सिंह की हत्या के मामले में जानकारी देने पर 50,000 डॉलर के इनाम की घोषणा की।
इसमें कहा गया है कि यह इनाम ऐसी जानकारी के लिए है, जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद मिल सके। भारतीय मुद्रा में 50,000 डॉलर की कीमत करीब 45 से 48 लाख रुपए के आसपास हो सकती है।
गवर्नर ने इसी दिन कैलिफोर्निया के छह अनसुलझे हत्या के मामलों के लिए कुल 3 लाख डॉलर के इनामों की घोषणा की थी। इनमें एल्क ग्रोव का यह दोहरा हत्याकांड भी शामिल है। मामले से जुड़ी जानकारी एल्क ग्रोव पुलिस विभाग को 916-627-3111 नंबर पर दी जा सकती है।
बेटे ने कहा- कदम अच्छा, लेकिन बहुत देर हो गई इनाम की नई घोषणा पर गुरमेज सिंह अटवाल के बेटे कमलजीत सिंह अटवाल ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि कुछ न होने से कुछ होना बेहतर है, लेकिन इतनी बड़ी इनामी राशि की घोषणा करने में काफी देर हो चुकी है। कमलजीत के मुताबिक, अगर घटना के तुरंत बाद इतनी बड़ी राशि के इनाम की घोषणा की गई होती, तो शायद कोई प्रत्यक्षदर्शी या मामले से जुड़ी जानकारी रखने वाला व्यक्ति उसी समय सामने आ जाता।
इसके बावजूद, वह इस पहल को सकारात्मक कदम मानते हैं। उन्हें उम्मीद है कि नई घोषणा के बाद कोई अहम जानकारी सामने आएगी और उनके पिता तथा उनके दोस्त की हत्या के मामले को सुलझाने में मदद मिलेगी। परिवार को आज भी उस दिन का इंतजार है, जब हत्यारों की पहचान होगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा।