Warning: opendir(/home/j50hdn97w0wq/public_html/wp-content/mu-plugins): Failed to open directory: Permission denied in /home/j50hdn97w0wq/public_html/wp-includes/load.php on line 981 तामिलनाडु में बड़ा उलटफेर : मौजूदा मुख्यमंत्री एमके स्टालिन हारे, पहली बार चुनाव लड़ रहे एक्टर विजय की TVK बनाने जा रही सरकार - punjabnewslive
न्यूज डेस्क, (PNL) : तमिलनाडु और पुडुचेरी विधानसभा चुनाव की मतगणना के बीच बड़ा उलटफेर सामने आया है. मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं. रुझानों में 111 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को एक चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 85 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई.
इसी बीच, एक्टर विजय ने पेरम्बूर और ईस्ट त्रिची, दोनों सीटों से चुनाव जीत लिया है. उनकी इस दोहरी जीत ने चुनावी तस्वीर को और भी अहम बना दिया है. राज्य में मुकाबला डीएमके के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी के NDA के बीच रहा. वहीं, एग्जिट पोल में विजय की पार्टी TVK को बढ़त मिलने के संकेत मिले थे, जिससे चुनाव त्रिकोणीय होता नजर आया.
वहीं, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था. पुडुचेरी में 89.97 फीसदी मतदान हुआ है. वर्तमान में एनडीए गठबंधन सत्ता में है, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी कर रहे हैं. आज के नतीजे तय करेंगे कि एनडीए अपनी सत्ता बरकरार रख पाता है या कोई नया समीकरण बनता है.
विजय की जीत क्यों है ऐतिहासिक
दक्षिण भारत की राजनीति में हमेशा से फिल्मी सितारों का दबदबा रहा है. MGR, करुणानिधि, जयललिता और एनटी रामाराव- ये सभी मेगास्टार थे जिन्होंने पर्दे से निकलकर राजनीति में अपनी जगह बनाई. जब ‘थलापति’ विजय ने राजनीति में कदम रखा, तो लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है. कमल हासन जैसे दिग्गज अभिनेता ने भी ‘मक्कल निधि मय्यम’ के जरिए उम्मीद जगाई थी, लेकिन वो विफल रहे.
इस चुनाव में किसी ने विजय को मौका नहीं दिया था. सभी एग्जिट पोल उन्हें सिर्फ 0 से 6 सीटें दे रहे थे. लेकिन क्या शानदार उलटफेर हुआ है. चेन्नई से मदुरै और कोंगू नाडु तक, विजय ने अपने पहले ही चुनाव में सबको पीछे छोड़ दिया. ‘घिल्ली’ बॉय, जो ‘मास्टर’ बना और अब सच्चा ‘जन नायक’ बनकर उभरा है…
विजय की ये जीत इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि इसने तमिलनाडु की 60 साल पुरानी वंशवादी और दो-पक्षीय संरचना को जड़ से मिटा दिया है. ‘वेत्तैकरन’ (शिकारी) अब राजनीति का सबसे चमकता सितारा बन गया है.