पंजाब में सामूहिक छुट्टी पर गए सरकारी कर्मचारी, हड़ताल को लेकर मंत्री अमन अरोड़ा ने मुलाजिमों को दी अंतिम चेतावनी
Punjab News Live -PNL
September 8, 2026
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चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और राज्य सरकार के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। अपनी मांगों को लेकर पंजाब साझा मुलाजिम मंच के बैनर तले क्लेरिकल स्टाफ मंगलवार को सामूहिक छुट्टी पर चला गया। कर्मचारियों के इस कदम का असर पंजाब और चंडीगढ़ के कई सरकारी दफ्तरों में देखने को मिला, हालांकि कुछ स्थानों पर कर्मचारी सामान्य रूप से काम करते भी नजर आए।
कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, डीए की लंबित किश्तें जारी करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने समेत कुल 14 मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
विरोध प्रदर्शन के अगले चरण में कर्मचारी चंडीगढ़-मोहाली में मोहनजीत पर हुए हमले के विरोध में काले कपड़े पहनकर भूख हड़ताल भी करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कई अहम मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है।
उधर, सामूहिक छुट्टी और हड़ताल से पहले कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी होती है तो सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है। साथ ही उन्होंने कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर बातचीत के जरिए समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की।
अमन अरोड़ा ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि जुलाई 2020 के बाद भर्ती हुए करीब 85 हजार कर्मचारियों का डीए 42 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान वेतन देने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कर्मचारियों के बकाये के भुगतान से इनकार नहीं किया है। बकाया राशि के भुगतान के लिए सरकार की ओर से योजनाबद्ध ढांचा तैयार किया गया है। अब देखना होगा कि कर्मचारी सरकार के आश्वासन से संतुष्ट होते हैं या आंदोलन को आगे बढ़ाते हैं।