चिंताजनक खबर : पंजाब में बिजली संकट गहराया, 1500 MW तक घटा उत्पादन, केंद्र पर बरसे बिजली मंत्री, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
September 6, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब, होम
न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब में पिछले तीन दिनों से बढ़ रहे बिजली कटों के बीच राज्य में बिजली संकट और गहरा गया है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ इंडस्ट्री सेक्टर पर भी बिजली कटौती का असर पड़ रहा है। इस बीच बिजली मंत्री तरनप्रीत सिंह सौंद ने वीडियो जारी कर पूरे मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
मंत्री ने कहा कि देशभर में थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी से जूझ रहे हैं। इसका सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ रहा है और पंजाब को भी घरेलू तथा औद्योगिक क्षेत्रों में कट लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
⚡ कोयले की कमी से 63 GW थर्मल पावर क्षमता प्रभावित
तरनप्रीत सिंह सौंद के मुताबिक, देशभर में करीब 63 गीगावाट क्षमता वाले थर्मल पावर प्लांट कोयले की कमी से प्रभावित हैं। ज्यादातर निजी बिजली संयंत्रों के पास सिर्फ 3 से 4 दिन का कोयला स्टॉक बचा है। ऐसे में कई प्लांट अपनी क्षमता के मुकाबले करीब आधी क्षमता पर चल रहे हैं।
🔥 पंजाब के दो बड़े प्राइवेट प्लांट आधी क्षमता पर
बिजली मंत्री ने पंजाब के प्रमुख निजी थर्मल पावर प्लांटों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नाभा पावर लिमिटेड, राजपुरा और तलवंडी साबो पावर प्लांट, मानसा केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाले कोयले पर निर्भर हैं।
पर्याप्त कोयला सप्लाई नहीं मिलने के कारण दोनों प्लांट फिलहाल करीब 50 फीसदी क्षमता पर बिजली उत्पादन कर रहे हैं। इसका असर राज्य की कुल बिजली उपलब्धता पर भी पड़ रहा है।
🚨 पंजाब में 1500 MW बिजली उत्पादन कम
मंत्री ने दावा किया कि कोयले की राष्ट्रीय स्तर पर कमी के चलते पंजाब में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट तक घट गया है। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए कहा कि समस्या का असर सिर्फ पंजाब ही नहीं, बल्कि देश के कई राज्यों पर पड़ रहा है।
हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि जिन थर्मल पावर प्लांटों को पंजाब सरकार खुद कोयला उपलब्ध करवा रही है, उनके पास फिलहाल करीब 10 दिन का स्टॉक मौजूद है।
❗ केंद्र से सौंद की दो टूक- कोयले की कमी कब होगी दूर?
बिजली संकट को लेकर मंत्री ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र को अपनी चुप्पी तोड़कर देश और पंजाब की जनता को बताना चाहिए कि कोयले की राष्ट्रीय कमी आखिर कब तक दूर होगी।
सौंद ने कहा कि कोयले की समस्या का जल्द समाधान जरूरी है, ताकि पंजाब में आम लोगों और उद्योगों को दोबारा बिना रुकावट बिजली सप्लाई मिल सके। उन्होंने केंद्र से कोयले की उपलब्धता बढ़ाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील की।