चन्नी के बेटे का ट्वीट चर्चा में, लिखा- गुड्डा-गुड्डी ओह जांदे : राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद बघेल पर तंज; पूर्व प्रभारी ने बोला था- प्रधान बदलना गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं
Punjab News Live -PNL
October 4, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर 4 महीनों तक चली खींचतान और पूर्व अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद अब कांग्रेस के पूर्व पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल का पुराना बयान चर्चा में है। जुलाई में नेतृत्व परिवर्तन की मांग पर बघेल ने कहा था, क्या यह कोई गुड्डा-गुड़िया का खेल है कि बार-बार निर्णय बदल दिया जाए?
अब वड़िंग के पद से हटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बेटे रिधमजीत ने चन्नी की फोटो पोस्ट की, जिसपर लिखा- गुड्डा गुड्डी ओह जांदे…”
जुलाई में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेता राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने की मांग कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस के तत्कालीन पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि हाईकमान का फैसला अंतिम है।
बघेल ने सवाल उठाया था कि क्या यह गुड्डा-गुड़िया का खेल है कि बार-बार फैसले बदले जाएं। उस समय हाईकमान ने वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखने का फैसला किया था।
इसी दौरान बघेल के साथ हुई बैठक में चन्नी समर्थक नेताओं ने वड़िंग को हटाने की मांग रखी थी। इस बैठक में 80 से ज्यादा कांग्रेस नेता शामिल हुए थे। इसके बाद भी चन्नी गुट और वड़िंग खेमे के बीच खींचतान जारी रही।
वड़िंग के हटने के बाद चन्नी के बेटे की पोस्ट
अब वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद चन्नी के बेटे रिधमजीत ने 3 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर की पोस्ट चर्चा में है। उन्होंने चन्नी की तस्वीर के साथ एक रील पोस्ट की, जिसमें लिखा- गुड्डा गुड्डी ओह जांदे…”
इस पोस्ट को बघेल के पुराने ‘गुड्डा-गुड़िया’ वाले बयान पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, रिधमजीत ने खुद पोस्ट का अर्थ या इसके पीछे का इशारा स्पष्ट नहीं किया है।
एक ओर चन्नी के बेटे की पोस्ट चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर वड़िंग ने भूपेश बघेल से मुलाकात की और दोनों की फोटो भी सार्वजनिक की। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई कि अध्यक्ष पद से हटने के बाद वड़िंग ने बघेल के साथ अपनी नजदीकी सार्वजनिक की है।
हालांकि, जुलाई में स्थिति अलग थी। उस समय चन्नी खेमे ने बघेल के सामने वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। वहीं, वड़िंग लगातार गुटबाजी से इनकार करते हुए कहते रहे कि वरिष्ठ नेताओं के साथ मतभेद बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं।