पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट राहुल-प्रियंका से मिले:संगठन में बड़े बदलाव की अटकलें, गुटबंदी खत्म करने पर भी हुआ मंथन
Punjab News Live -PNL
September 8, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) :कांग्रेस पार्टी के भीतर सांगठनिक स्तर पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब मामलों के प्रभारी सचिन पायलट ने आज नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद सचिन पायलट ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ अहम बैठक की।
पंजाब कांग्रेस का प्रभार संभालने के बाद पायलट की गांधी परिवार से इस बैक-टू-बैक मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं, जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद पंजाब कांग्रेस में बड़े बदलाव हो सकते हैं।
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी सोमवार को नई दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात की थी। पायलट के पंजाब प्रभारी बनाए जाने के बाद वड़िंग की उनसे यह पहली मुलाकात थी।
मुलाकात के दौरान पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों, संगठन को मजबूत करने और पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। वड़िंग के साथ कांग्रेस नेता कुलबीर सिंह जीरा और सांसद गुरजीत सिंह औजला ने भी पायलट से मुलाकात की।
राजा वड़िंग सचिन पायलट से मुलाकात करते हुए।
सूत्रों के अनुसार, सचिन पायलट जल्द ही पंजाब का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान वह प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रोडमैप तैयार करेंगे। राहुल गांधी की इसी महीने प्रस्तावित पंजाब यात्रा से पहले पायलट के दौरे की संभावना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके दौरे को लेकर पंजाब कांग्रेस स्तर पर तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
कांग्रेस ने पांच सितंबर को संगठन में बड़े बदलाव करते हुए भूपेश बघेल की जगह सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया। बघेल को असम का प्रभारी बनाया गया है। इससे पहले सात और आठ सितंबर को बघेल का पंजाब दौरा प्रस्तावित था। पायलट के सामने बड़ी चुनौती पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चली आ रही गुटबाजी को खत्म कर नेताओं को एक मंच पर लाना है।
अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच खींचतान के बीच राहुल गांधी के दौरे से पहले पार्टी को एकजुट करना नए प्रभारी के लिए अहम चुनौती माना जा रहा है।