Thursday , June 18 2026
Breaking News

जालंधर BSF हेडक्वार्टर ब्लास्ट, हिरासत से छूटा युवक सहमा:बोला- उस दिन पापा फोन न करते तो मर जाता

जालंधर , (PNL) ; जालंधर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के पास धमाके में जली स्कूटी के मालिक युवक को पूछताछ के बाद पुलिस ने छोड़ दिया है। युवक का कहना है कि धमका इतना जोर का था कि मुझे अभी भी एक कान से कुछ सुनाई नहीं दे रहा। एक टांग नहीं चल रही। युवक ने बताया कि अगर घर से पापा का फोन न आता तो शायद मैं जिंदा न होता। गुरप्रीत उर्फ कृष ने उन पलों की कहानी साझा करते हुए बताया कि उसे एक पार्सल रिसीव करने जाना था।वह 8 बजे से 5 मिनट पहले ही स्कूटी पर था। वह मेल चेक कर रहा था कि किसका पार्सल है। इस बीच घर से फोन आ गया। वह फोन सुनते हुए स्कूटी से लगभग 100 मीटर दूर चला गया और तभी धमका हो गया। जैसे ही धमका हुआ तो वह बीएसएफ कैंपस की तरफ भागा, यहां बीएसएफ जवानों ने उसे पकड़ लिया। फर्स्ट एड देकर पूछताछ की। पुलिस ने भी सहयोग किया।उधर, धमाके के बाद पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का वीडियो सामने आया है। डॉन कहता है कि भारत में चाहे गाय का बच्चा पैदा हो या उसकी मौत हो जाए, हर चीज का आरोप मुझ पर लगा दिया जाता है।बता दें कि बुधवार रात 8 बजे के करीब फ्लिपकार्ट डिलिवरी बॉय की स्कूटी के पास ही धमका हुआ था। स्कूटी धमाके के साथ जल जाती है। बीएसएफ के हेडक्वार्टर के पास हुए इस धमाके की जांच पुलिस ने शुरू की तो पता चला की यहां आईईडी विस्फोट हुआ है।इस मामले में जालंधर के गढ़ा के रहने वाले गुरप्रीत उर्फ कृष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे छोड़ दिया गया है। धमाके की जांच अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है।

स्कूटी धमाके में घायल गुरप्रीत उर्फ कृष घटना की जानकारी देते हुए।

स्कूटी धमाके में घायल गुरप्रीत उर्फ कृष घटना की जानकारी देते हुए।

घायल युवक गुरप्रीत ने बताईं 5 अहम बातें…

  • मैं बेकसूर था, धमाके से डर गया था: गुरप्रीत ने बताया कि वह फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय है। पिछले काफी समय से उस इलाके में आता-जाता था। बीएसएफ गेट के पास मौजूद लोगों और उसकी ऐप हिस्ट्री ने इस बात की पुष्टि की कि वह वहां किसी संदिग्ध इरादे से नहीं, बल्कि केवल अपना काम करने (रिटर्न पार्सल लेने) गया था। जब धमका हुआ तो उसे कुछ समझ नहीं आया कि कैसे और क्या हुआ। वह बेकसूर था इसलिए कैंपस के अंदर की तरफ दौड़ा। धमाके के बाद वह डर गया था।

  • अभी भी एक कान से कुछ सुनाई नहीं दे रहा: धमाका इतना जोरदार था कि एक कान से अभी भी कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। वह मानसिक रूप से भी काफी सदमे में है। उसने बताया कि वह अभी मात्र 20 साल का है और इस खौफनाक मंजर को भूल नहीं पा रहा।

  • पुलिस ने प्यार से बात की: गुरप्रीत ने जालंधर की पुलिस कमिश्नर (CP मैडम) का धन्यवाद किया। उसने बताया कि पुलिस ने उससे लंबी पूछताछ की, लेकिन सीपी मैडम ने उसे बच्चे की तरह ट्रीट किया और बहुत ही अच्छे तरीके से बात की। मैं पुलिस के सामने रो रहा था। मुझे नहीं पता था कि मेरे साथ ये क्या हो रहा था। मैं बार-बार यही कह रहा था कि घरवालों से मेरी बात करवा दो। उन्होंने गुरप्रीत को आश्वासन दिया कि अगर वह निर्दोष है तो डरे नहीं।

  • मैंने रातभर खाना नहीं खाया: गुरप्रीत ने बताया कि जब पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो मैं बहुत डर गया। मुझे पुलिसवाले खाना देते रहे लेकिन मेरी भूख ही खत्म हो चुकी थी। मैंने रातभर कुछ नहीं खाया। घर आकर ही कुछ खाया। गुरप्रीत ने बताया कि उसके पिता बीएसएफ से रिटायर हैं और घर पर काफी कर्ज है। उसकी मां को दिल की बीमारी है और उन्हें पहले भी अटैक आ चुका है। घर में वह अकेला कमाने वाला था। धमाके में उसकी स्कूटी तबाह होने हो गई।

  • सरकार मुझे नौकरी दिलाए: गुरप्रीत ने सरकार से अपील की है कि धमाके के कारण उसकी सामाजिक छवि खराब हुई है, जिसे सुधारा जाए। उसने मांग की है कि उसे एक सरकारी नौकरी दी जाए ताकि वह अपने परिवार का सहारा बन सके और उसकी तबाह हुई स्कूटी का उचित मुआवजा मिले।

गुरप्रीत ने बताया कैसे हुई पूरी घटना

  • धमाके के वक्त मौके पर मौजूद था : गुरप्रीत ने बताया कि 5 जून की रात करीब 8 बजे वह अपनी स्कूटी पर जालंधर स्थित बीएसएफ हेडक्वार्टर के गेट के पास पहुंचा था। वह वहां फ्लिपकार्ट के एक ग्राहक से रिटर्न पार्सल लेने के लिए गया था। उसने वहां रुककर अंदर मौजूद व्यक्ति को कॉल की और पार्सल के लिए जानकारी लेनी शुरू की।

  • धमाके से ठीक पहले घर वालों का फोन सुन रहा था : जिस समय वह पार्सल के लिए बात कर रहा था, तभी उसके घर से फोन आ गया। घर वालों से बात करने के लिए वह अपनी स्कूटी से मात्र कुछ कदम ही आगे हटा था। यही कुछ कदम उसकी जान के लिए रक्षक बन गए, वरना वह स्कूटी के बिल्कुल पास खड़ा हुआ था।

  • विस्फोट के 15 मिनट तक होश नहीं रहा: जैसे ही वह फोन पर बात कर रहा था, अचानक उसकी स्कूटी में एक भयानक धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि उसे 10-15 मिनट तक कुछ भी सुनाई नहीं दिया और न ही कुछ होश रहा। स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और उसके कुछ गर्म टुकड़े गुरप्रीत की पीठ पर जाकर लगे जिससे उसे चोटें आईं।

  • जान बचाने के लिए दौड़ा: धमाके के तुरंत बाद मैं बुरी तरह डर गया और बदहवास होकर अपनी जान बचाने के लिए बीएसएफ गेट की तरफ भागा। वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ा और तुरंत बीएसएफ के अस्पताल में ले जाकर उसे फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार) दिया, क्योंकि वह पूरी तरह सदमे में था और रो रहा था।

  • जांच के बाद पुलिस ने छोड़ दिया: घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। उसकी लोकेशन, मोबाइल रिकॉर्ड और फ्लिपकार्ट ऐप की जांच की गई। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जब उसकी बेगुनाही साबित हुई, तब पुलिस ने पूरी तफ्तीश के बाद उसे घर जाने की अनुमति दी।

About Punjab News Live -PNL

Check Also

लुधियाना में सड़क किनारे मिला युवक का शव:राहगीरों ने देखा, गर्मी या अटैक से मौत की आशंका; CCTV खंगाल रही पुलिस

लुधियाना , (PNL) : लुधियाना के मॉडल टाउन इलाके में स्थित त्रिकोणी पार्क के पास गुरुवार …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!