जालंधर , (PNL) : जालंधर में ओवरस्पीड इंडो-कैनेडियन बस ने मां-बेटी को टक्कर मार दी। जिससे वह 10 फीट हवा में उछलकर रोड पर जा गिरीं। इसके बाद दोनों के ऊपर से बस के टायर गुजर गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक बच्ची गंभीर घायल हो गईं यह हादसा उस वक्त हुआ, जब मां अपनी दोनों बेटियों के साथ रेहड़े पर रोड क्रॉस कर रहीं थी। हादसे में मृत मां-बेटी के शव बुरी तरह से कट गए। उनके हाथ-पैर तक वहां नहीं मिले। सूचना मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और घायल बच्ची व दोनों शव भोगपुर के अस्पताल भिजवाए।
पुलिस के मुताबिक मृतकों में पिंकी और उसकी बेटी योइदा है जबकि दूसरी बेटी अबीदा घायल है। रविवार रात हुई इस घटना का अब CCTV फुटेज भी सामने आया है।
भोगपुर में जालंधर-पठानकोट हाईवे पर गिरे शव।
चावला स्वीट्स के सामने हुआ हादसा सीसीटीवी फुटेज के अनुसार ये हादसा भोगपुर में जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर चावला स्वीट्स के सामने हुआ है। देर रात तक पिंकी और उसकी बेटियों ने सड़कों पर बिखरा कचरा अपने रेहड़े में इकट्ठा किया। इसके बाद जब पिंकी और उसकी बेटियां योइदा व अबीदा रेहड़े पर बैठ रोड क्रॉस कर रहे थे, तो तेज रफ्तार बस ने टक्कर मार दी।
जिंदगी मौत से जंग लड़ रही दूसरी बेटी अबीदा पिंकी और उनकी बेटी योइदा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी अबीदा जिंदगी मौत के बीच जंग लड़ रही है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा कि तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से मां-बेटी हवा में उछलकर सड़क पर गिरीं।
सड़क पर गिरा रेहड़ा। इसी पर तीनों सवार थीं।
टक्कर के बाद सड़क पर बिखरा कबाड़ रेहड़े को जैसे ही बस की टक्कर लगी तो उसमें स्टोर कर रखा कबाड़ जिसमें लिफाफे और प्लास्टिक की बोतलें थी पूरे रोड़ पर बिखर गईं। घटना को अंजाम देने के बाद बस ड्राइवर मौके से फरार हो गया। सड़क सुरक्षा फोर्स ने घायल बच्ची को सिविल अस्पताल काला बकरा पहुंचाया।
नींद की झपकी बनी हादसे की वजह ASI सुरेंदर सिंह ने बताया कि बस को आइडेंटिफाई कर जब्त कर लिया है। इंडो कनैडियन बस पठानकोट से जालंधर आ रही थी। इसे बलाचौर का रहने वाला लक्की चौहान चला रहा था। ड्राइवर को भी हिरासत में ले लिया है। उसने बताया कि भोगपुर के पास नींद की झपकी आने से हादसा हो गया।
मां और बेटी की मौत के बाद परिवार में बचे 2 सदस्य परिवार वेस्ट बंगाल का रहने वाला है। एक साल पहले यहां आए थे। भोगपुर में झोपड़ी बनाकर खाली प्लास्टिक बोतलें एकत्रित करने काम करते थे। परिवार में अब एक बेटा और बाप बचे हैं।