चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ में पिछले करीब 3 साल से बड़े स्तर पर हेरोइन की सप्लाई हो रही थी। एरिया चौकी, बीट और थाना पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऑपरेशन सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गुरलाल सिंह उर्फ लाल करीब 7 किलो हेरोइन हर महीने चंडीगढ़ में सप्लाई करता था। इस हिसाब से करीब 3 साल में 252 किलो हेरोइन चंडीगढ़ पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। ऑपरेशन सेल की जांच में यह भी सामने आया है कि चंडीगढ़ के मलोया और सेक्टर-56 में 3 नशे के डीलर इस नेटवर्क से जुड़े थे। इनमें से 3 डीलर फिलहाल अपने घरों से फरार चल रहे हैं।
दोस्तों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर पुलिस ने फरार आरोपियों के दोस्तों और रिश्तेदारों के मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाए हैं। यह कार्रवाई डीआईजी राजीव रंजन की सुपरविजन में इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की अगुवाई में की गई। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इतने लंबे समय से चल रही हेरोइन की सप्लाई की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं मिली।
3 साल से कैसे चल रहा था हेरोइन का खेल, जानिए…
3 साल से चंडीगढ़ में कर रहा था सप्लाई: पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी गुरलाल सिंह उर्फ लाल 8 साल से ड्रग तस्करी से जुड़ा हुआ था। वह 3 साल से चंडीगढ़ में हेरोइन सप्लाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक वह हर महीने करीब 5 से 7 किलो हेरोइन चंडीगढ़ पहुंचाता था। जांच में उसके मलोया और सेक्टर-56 में सप्लाई करने की बात सामने आई है। ऑपरेशन सेल अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन इलाकों में उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
फरार 3 डीलरों की तलाश तेज: पुलिस के मुताबिक मलोया और सेक्टर-56 में इस नेटवर्क से जुड़े 5 नशे के डीलरों की जानकारी जांच में सामने आई है। इनमें से 3 आरोपी अभी फरार हैं। ये तीनों अपने घरों से फरार चल रहे हैं।
टीम इनकी लोकेशन ट्रेस कर रही: इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों की टीम इनकी लोकेशन ट्रेस कर रही है। आरोपियों के दोस्तों और रिश्तेदारों के मोबाइल नंबरों की निगरानी की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि फरार आरोपी चंडीगढ़ में किन लोगों के संपर्क में थे।
ऑपरेशन सेल ने 4 आरोपियों को पकड़ा: चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से करीब 2 करोड़ रुपए की कीमत की 1 किलो 11 ग्राम हेरोइन, एक पिस्टल और 5 कारतूस बरामद किए गए हैं।
जस्सी को मलोया से गिरफ्तार किया: पुलिस के मुताबिक आरोपी गुरलाल सिंह उर्फ लाल को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया। गुरसाब उर्फ साबा और अर्शदीप सिंह को मोगा के धर्मकोट के पास से पकड़ा गया, जबकि जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी को मलोया से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के साथ गिरफ्तार आरोपी।
एक आरोपी का पिता पंजाब पुलिस में सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार आरोपी अर्शदीप सिंह का पिता पंजाब पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अर्शदीप इस ड्रग नेटवर्क के संपर्क में कैसे आया और उसकी इसमें कितनी भूमिका थी। पुलिस के मुताबिक, अर्शदीप से 156 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उसके खिलाफ 2024 में मोरिंडा थाने में NDPS एक्ट का केस भी दर्ज है।
गुरसाब मुख्य आरोपी का राइट हैंड आरोपी गुरसाब उर्फ साबा मुख्य आरोपी हरदीप सिंह उर्फ दीप का राइट हैंड था। वह उसके साथ मिलकर ड्रग के साथ हथियारों की सप्लाई भी करता था। गुरसाब के कब्जे से 57 ग्राम हेरोइन के अलावा एक देसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ भी मोरिंडा थाने में NDPS एक्ट का केस दर्ज है।
मुख्य हैंडलर हरदीप सिंह दीप फरार पूरे नेटवर्क का कथित मुख्य हैंडलर हरदीप सिंह उर्फ दीप है। वह फिलहाल फरार है। जांच में सामने आया है कि वह पाकिस्तान बॉर्डर के जरिए हर महीने करीब 22 किलो हेरोइन पंजाब मंगवाता था। इसके बाद नेटवर्क से जुड़े आरोपी इसे अलग-अलग जगहों पर सप्लाई करते थे। पुलिस को शक है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए भी हेरोइन की खेप मंगवाई जाती थी। इस एंगल से भी जांच की जा रही है।
जानिए किस आरोपी से क्या बरामद हुआ…..
जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी: बरनाला निवासी 30 वर्षीय जसप्रीत टैक्सी ड्राइवर है। उसके कब्जे से 284 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक उसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है।
गुरलाल सिंह उर्फ लाल: करनाल के निसिंग निवासी 36 वर्षीय गुरलाल से 514 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। उसके खिलाफ पहले से NDPS और आर्म्स एक्ट के कई केस दर्ज हैं।
अर्शदीप सिंह: मोगा के धर्मकोट के गांव शेरपुरी ताइबन निवासी 24 वर्षीय अर्शदीप से 156 ग्राम हेरोइन मिली। उसके खिलाफ 2024 में मोरिंडा थाने में NDPS एक्ट का केस दर्ज है।
गुरसाब उर्फ साबा: 24 वर्षीय गुरसाब से 57 ग्राम हेरोइन, एक देसी पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए।