जालंधर में SIR के लिए 25 जून से अभियान:चुनाव अधिकारी ने NRI प्रॉपर्टी को लेकर अफवाहों को किया खारिज, शुद्ध वोटर लिस्ट लक्ष्य
Punjab News Live -PNL
June 15, 2026
जालंधर, ताजा खबर, पंजाब
जालंधर , (PNL) : पंजाब में आगामी 25 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, जिसके तहत राज्य के 2 करोड़ 14 लाख से अधिक मतदाताओं की जांच की जाएगी। इसी सिलसिले में जालंधर के एपीजे कॉलेज में चुनाव कर्मियों के लिए एक विशेष ट्रेनिंग सेशन का आयोजन किया गया।
इस दौरान चुनाव पंजीकरण अधिकारी बलविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाकर पारदर्शी वोटर लिस्ट तैयार करना है। इसके साथ ही उन्होंने एनआरआई की प्रॉपर्टी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया का संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है।
पात्र वंचित न रहें, कोई फर्जी वोटर सूची में न रहे
चुनाव पंजीकरण अधिकारी बलविंदर सिंह ने बताया कि पूरे पंजाब में 25 जून से इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि साल 2003 को बेस मानते हुए कोई भी पात्र मतदाता वोट से वंचित न रह जाए। फर्जी, डबल और मृत मतदाताओं के नाम हटाना है। इसमें पंजाब के करीब 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं के रिकॉर्ड की गहन जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को राज्य की फाइनल वोटर लिस्ट (मतदाता सूची) जारी कर दी जाएगी।
डबल फॉर्म भरना होगा जरूरी
ईआरओ बलविंदर सिंह ने कहा कि 25 जून से बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर एनरोलमेंट फॉर्म भेजेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस ‘डबल फॉर्म’ को सही-सही भरकर अपने बीएलओ के पास जमा करवाएं, ताकि वोटर लिस्ट को अपडेट करने की प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से शुरू हो सके।
NRI वोटर्स को लेकर स्थिति साफ की
प्रवासी भारतीयों के वोटिंग अधिकार पर बात करते हुए ईआरओ ने साफ किया कि अगर कोई एनआरआई भारत का नागरिक है (यानी उसके पास भारतीय पासपोर्ट है), तो उसे वोट देने का पूरा अधिकार है। लेकिन, यदि किसी व्यक्ति ने दूसरे देश की नागरिकता ले ली है और उसके पास भारतीय पासपोर्ट नहीं है, तो उसे भारत में वोटिंग का अधिकार नहीं दिया जा सकता।
प्रॉपर्टी को लेकर न फैलाएं अफवाह
बलविंदर सिंह ने एनआरआई की संपत्ति को लेकर चल रही अफवाहों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा की इस पुनरीक्षण प्रक्रिया का एनआरआई की प्रॉपर्टी के साथ दूर-दूर तक कोई लिंक नहीं है। यह पूरी तरह से केवल वोटर सूची से संबंधित मामला है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर किसी भी तरह की गलत अफवाह न फैलाई जाए।
प्रवासी मजदूरों और बाहरी राज्यों के लोगों के लिए नियम
दूसरे राज्यों से आकर पंजाब में रह रहे लोगों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई। अधिकारी ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास पंजाब और उसके मूल राज्य (दोनों जगह) का वोटर कार्ड है, तो नियमों के मुताबिक केवल एक ही जगह का वोटर कार्ड मान्य होगा। दो जगहों पर वोट रखना कानूनी रूप से गलत है।
भ्रम होने पर अधिकारियों से करें संपर्क
उन्होंने जनता से अपील की कि अगर किसी भी नागरिक को इस प्रक्रिया को लेकर कोई भ्रम या शंका है, तो वे सीधे अपने इलाके के बीएलओ, ईआरओ या एसडीएम कार्यालय से संपर्क कर सही और आधिकारिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अफवाहों पर बिल्कुल भी भरोसा न करें।
86 फीसदी मतदाताओं की मैपिंग पूरी
ट्रेनिंग के दौरान मौजूद बूथ लेवल अधिकारियों ने बताया कि इस बड़े अभियान को लेकर तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अब तक जालंधर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 86 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का काम सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, और बाकी बचे काम को भी समय रहते निपटा लिया जाएगा।