चंडीगढ़ , (PNL) : केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू को धार्मिक सजा सुनाई गई है। आज (बुधवार, 24 जून) वह चंडीगढ़ में SC कमीशन के सामने पेश हुए थे। इसके बाद आयोग ने उनका पक्ष सुनने के बाद राज्यमंत्री को 4 जगहों पर माथा टेकने को कहा। SC आयोग ने यह कार्रवाई पुलिस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में की है।
बिट्टू 4 स्थानों पर नतमस्तक होंगे। इनमें श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल), फिल्लौर स्थित डेरा ब्रह्मदास, भगवान वाल्मीकि जी का डेरा (रामतीर्थ, अमृतसर) और डेरा बल्लां में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
बिट्टू ने आयोग चेयरमैन के सामने ये बातें कहीं…
मैंने माफी मांगी, वीडियो डिलीट किया: केंद्रीय राज्यमंत्री बिट्टू ने अपने वकीलों के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा- मेरे शब्द 100 फीसदी कानूनी तौर पर गलत थे। इसके लिए मैंने माफी भी मांगी। मैंने अपने अकाउंट से वीडियो भी डिलीट कर दी थी।
SP रैंक के अधिकारी ने मुझे रोका: बिट्टू ने कहा कि उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका था। उस अधिकारी ने बताया कि ओएसडी ओंकार को बलिया थाने में हिरासत में रखा गया है। इसके बाद वह बलिया थाने पहुंचे, जहां उन्हें फिर बताया गया कि ओंकार को संगरूर ले जाया गया है।
मेरे साथ बदतमीजी की गई, आहत करने वाले शब्द कहे: बिट्टू के अनुसार, वह दोबारा संगरूर पहुंचे, लेकिन वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोकते हुए कहा कि ओंकार धूरी में है। इसके बाद वह धूरी पहुंचे, जहां एक SHO रैंक के अधिकारी ने उनकी गाड़ी के सामने वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदतमीजी की गई और कुछ ऐसे शब्द कहे गए, जिनसे वह आहत हुए।
पुलिस के व्यवहार से भावुक हो गए: बिट्टू ने कहा कि उस समय हालात तनावपूर्ण थे और पुलिस के व्यवहार से वह भावुक हो गए थे। उन्होंने स्वीकार किया कि यदि उनकी ओर से भी कोई आपत्तिजनक शब्द निकले हों, तो इसके लिए वह मीडिया के सामने पहले ही माफी मांग चुके हैं। बिट्टू ने कहा कि वह उस पार्टी से आता हैं जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोए हैं।
आयोग ने 4 जगह माथा टेकने को कहा
इसके बाद SC आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने कहा- रवनीत बिट्टू श्री दरबार साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लेंगे। फिल्लौर स्थित डेरा ब्रह्मदास में नतमस्तक होंगे। भगवान वाल्मीकि जी के डेरे में जाकर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे और डेरा बल्लां में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। इसके अलावा बिट्टू ने जो लिखित में दिया है, उसे कमिशन ने मंजूर कर लिया है।
अनुसूचित आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी ने फैसला सुनाया।
निकाय चुनाव के दौरान हुआ था विवाद
26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद उनकी संगरूर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को गुंडागर्दी करार दिया था।
बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी
इस संबंधी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद पंजाब SC कमीशन ने स्वतः संज्ञान लेते हुए बिट्टू को तलब कर लिया और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। हालांकि, बिट्टू ने अपने शब्दों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी। वहीं, संगरूर पुलिस की तरफ से भी रिपोर्ट पेश कर दी गई।
केंद्रीय मंत्री बिट्टू का पुलिस से विवाद हुआ था। – फाइल फोटो
दो बार ऐसे चली सुनवाई
रवनीत सिंह बिट्टू को 4 जून 2026 को आयोग के समक्ष पेश होने का आदेश दिया गया था। हालांकि, निजी कारणों और दिल्ली में व्यस्तताओं के चलते वह स्वयं पेश नहीं हो सके। उनकी ओर से वकील आयोग के सामने उपस्थित हुए।
इस दौरान वकीलों ने आयोग के चेयरमैन जसबीर सिंह गढ़ी से बिट्टू की फोन पर बात करवाई और उनकी व्यस्तताओं की जानकारी दी। साथ ही सुनवाई के लिए नई तारीख देने का अनुरोध किया। इसके बाद आयोग ने उन्हें 15 जून 2026 को दोबारा तलब किया था। इसके 15 जून को भी बिट्टू पेश नहीं हो सके थे।
उन स्थानों को जानिए, जहां बिट्टू नतमस्तक होंगे…
अमृतसर स्थिति श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल या दरबार साहिब) सिखों का सबसे पवित्र धार्मिक स्थल है। इसकी स्थापना सिखों के चौथे गुरु, गुरु रामदास जी ने की थी। इसकी नींव सूफी संत साईं मियां मीर जी द्वारा रखवाई गई, जो सभी धर्मों के प्रति एकता का संदेश देती है।
डेरा बाबा ब्रह्मदास (डेरा बाबा ब्रह्म दास जी) जालंधर जिले के फिल्लौर शहर में अकलपुर रोड पर स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक व आध्यात्मिक केंद्र है। यह डेरा मुख्य रूप से गुरु-शिष्य परंपरा और सूफी व संत संस्कृति के अनुयायियों के लिए एक पवित्र स्थल है। यहां गद्दीनशीन संतों (संत बाबा ब्रह्मदास जी, संत बाबा रूड़ा राम जी और संत बाबा जसपाल जी) की विरासत को आगे बढ़ाया जाता है। डेरे में हर साल जून के महीने में एक विशाल वार्षिक मेला और बरसी समागम आयोजित किया जाता है।
भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (रामतीर्थ या वाल्मीकि आश्रम) अमृतसर शहर से लगभग 11 किलोमीटर दूर चोगवां रोड पर स्थित वाल्मीकि समुदाय और हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र, ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक स्थल है। यह पावन भूमि महाकाव्य रामायण के काल से जुड़ी हुई है और महर्षि वाल्मीकि जी की मुख्य तपोभूमि मानी जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि जी ने इसी पवित्र स्थान पर स्थित अपनी कुटिया में बैठकर 24,000 छंदों वाली रामायण महाकाव्य की रचना की थी।
डेरा सचखंड बल्लां (जालंधर) दुनिया भर में फैले रविदासिया समुदाय का सबसे बड़ा, प्रमुख और सर्वोच्च धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र है। यह स्थान जालंधर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बल्लां गांव में है। यह डेरा गुरु रविदास जी की शिक्षाओं, सामाजिक समानता, मानव कल्याण और आध्यात्मिक उन्नति के प्रसार के लिए समर्पित है। डेरे की नींव बाबा संत पीपल दास जी ने 20वीं शताब्दी की शुरुआत में रखी थी। उनके बाद उनके सुपुत्र स्वामी सरवण दास जी ने इस गद्दी को संभाला और डेरे का विस्तार किया। साल 2010 में वाराणसी (UP) में गुरु रविदास जी की 633वीं जयंती के अवसर पर, डेरा सचखंड बल्लां के वर्तमान संतों की अगुवाई में एक अलग रविदासिया धर्म और इसके पवित्र ग्रंथ अमृता बाणी सतगुरु रविदास जी की घोषणा की गई थी।