न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब के जिला रोपड़ के नूरपुर बेदी इलाके के शॉपिंग मॉल में एक युवक की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। युवक के सीने में 3 गोलियां मारी गईं। वह जान बचाने के लिए मॉल से बाहर की तरफ दौड़ा, लेकिन दरवाजे पर पहुंचते ही गिर पड़ा।मृतक की पहचान शाहपुर बेला के रहने वाले हरमोल सिंह रूप में हुई है। घटना की जिम्मेदारी शाहपुर के निवासी हरजोत सिंह सिद्धू नामक व्यक्ति ने ली।रविवार शाम को उसने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि उसने यह कदम अपने भाई की हत्या का बदला लेने और लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर उठाया है। चर्चा है कि हरजोत ने सरेंडर कर दिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जानकारी के अनुसार, हरजोत सिंह सिद्धू और हरमोल सिंह के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। हरजोत का आरोप है कि 13 मई 2019 को हरमोल सिंह ने उसके भाई सुखविंदर सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी थी। लगभग 4 साल जेल में काटने के बाद हरमोल हाल ही में जमानत पर बाहर आया था।
आत्मरक्षा और मानसिक प्रताड़ना के बदले के लिए किया हमला
आरोपी हरजोत सिंह ने अपने बयान में कहा कि जमानत पर आने के बाद हरमोल सिंह लगातार उसे डरा-धमका रहा था। हरजोत ने कहा- जब भी वह मुझे मेरे बच्चों के साथ देखता, तो गाड़ी रोककर मूंछों पर ताव देता और पिस्तौल दिखाकर केस वापस लेने का दबाव बनाता था।
आज नूरपुर में दोनों का आमना-सामना हुआ, जहां हरमोल अपने तीन-चार साथियों के साथ मौजूद था। हरजोत का दावा है कि वहां भी उसे अपमानित और भयभीत करने की कोशिश की गई, जिसके जवाब में उसने अपनी सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) में गोलियां चला दीं।
अकेले वारदात को अंजाम देने की बात कबूली
हरजोत ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी वारदात को उसने अकेले ही अंजाम दिया है और इसमें किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या अन्य साथी का हाथ नहीं है। उसने कहा, “मैंने जो किया पूरे होश-ओ-हवास में किया है, ताकि इस गुलामी और डर से छुटकारा पा सकूं।
नूरपुरबेदी थाना पुलिस ने जांच शुरू की
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। इलाके में तनाव का माहौल देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि वारदात के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और हथियार लाइसेंसी था या अवैध।
पुलिस ने वारदात स्थल को सील कर जांच शुरू की।
युवक ने वीडियो में बताई 3 अहम बातें…
6 साल पहले हुई भाई की हत्या का बदला लिया: इस वारदात की जड़ें साल 2019 की उस घटना से जुड़ी हैं, जब 13 मई को हरमोल सिंह ने हरजोत सिंह के भाई सुखविंदर सिंह की हत्या कर दी थी। हरजोत का आरोप है कि जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद हरमोल के मन में कानून का कोई डर नहीं था, बल्कि उसका अहंकार और बढ़ गया था। वह जानबूझकर हरजोत का सामना करता था, विशेषकर तब जब वह अपने बच्चों के साथ होता था, ताकि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर सके। वह मूंछों पर ताव देकर और पिस्तौल दिखाकर सरेआम धमकियां देता था ताकि हरजोत पुराने मर्डर केस को वापस ले ले।
जब भी मिलता तो डराता था आरोपी: घटना के दिन नूरपुर बेदी में जब हरजोत का सामना हरमोल और उसके तीन-चार साथियों से हुआ, तब स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। हरजोत ने बताया- हरमोल और उसके साथी मुझे डरा रहे थे और अपमानित करने वाले इशारे कर रहे थे। मैंने महसूस किया कि इस तरह का डर और धमकियां सहना एक तरह की गुलामी है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसी दबाव और डर के माहौल में, अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मैंने सेल्फ-डिफेंस में तहत फायरिंग की, जिसमें हरमोल सिंह की जान चली गई।
2 बार सोचकर पूरी होश के साथ गोलियां मारीं: हरजोत सिंह ने कहा- यह फैसला मैंने किसी के दबाव में नहीं, बल्कि पूरी तरह सोच-समझकर और अपने होश में लिया है। इस मामले को कोई राजनीतिक रंग न दिया जाए, क्योंकि इसमें किसी भी बाहरी व्यक्ति, मित्र या राजनीतिक दल की कोई भूमिका नहीं है। मैंने इस पूरी वारदात की जिम्मेदारी अकेले अपने सिर ली है और साफ किया है कि जो कुछ भी हुआ वह उनके अपने दम पर और व्यक्तिगत स्तर पर लिया गया निर्णय था।