लुधियाना , (PNL) : लुधियाना में निहंगों ने जमींदार के बंधक बनाए एक व्यक्ति को छुड़वाया। पीड़ित का आरोप है कि जमींदार परिवार उससे सुबह से लेकर रात तक 18 से 20 घंटे काम लेता था और बदले में सिर्फ 200 रुपए दिहाड़ी देता था। उसने घर बनाने के लिए जमींदार से कर्जा लिया तो वह उनके जाल में फंस गया। वह न बच्चों के स्कूल जा पाया और न ही परिवार या रिश्तेदारों के खुशी या गम के मौके पर कहीं जा पाता। जब वह घर जाने को कहता तो जमींदार उसे कहते कि तू पत्नी से तलाक ले ले, तुझे और तेरे बच्चों को हम पाल लेंगे। करीब 6 साल तक उसने बंधकों जैसी जिंदगी गुजारी।
इसके बाद परेशान पत्नी ने निहंग बाबा कुलदीप सिंह से मुलाकात की। जिसके बाद जमींदार के पिस्टल पुलिस से जब्त करवाकर निहंग जत्थेबंदी ने व्यक्ति को उनकी कैद से छुड़वाकर परिवार के हवाले किया। इस मामले में आरोपी जमींदार परिवार ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।
निहंग बाबा कुलदीप सिंह मामले की जानकारी देते हुए।
सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरी कहानी:-
पिता काम करते थे, लॉकडाउन में बेटा भी जाने लगा: गांव साहबाणा के रहने वाले जसविंदर सिंह ने बताया कि हमारे यहां से 2 किमी दूर गांव रामगढ़ है। यहां मेरे पिता जमींदार के पास काम करते थे। जब 2020 में लॉकडाउन लगा तो मैं मजबूरी में इनके पास काम पर लग गया। इसके बाद फिर दोबारा लॉकडाउन लगा तो उस वक्त मैं अपनी चाची के पास रहता था। उन्होंने मुझे अपने घर से निकाल दिया। इसके बाद मैंने सोचा कि अब अपना मकान बनाना है। इसलिए मैं फिर से काम के लिए जाने लगा।
2 लोगों को 100 किल्ले की जिम्मेदारी, सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक काम: जसविंदर ने आगे बताया- हम 2 लोग थे। 100 किले जमीन की जिम्मेदारी हमारी होती थी। सुबह वह 4 बजे से पुशओं को चारा डालता और रात 10 बजे तक पूरे घर के काम करता था। पूरा दिन पुशओं की देखभाल करना, स्प्रे करनी, पट्ठे डालना, घर की सब्जियां लेकर आनी, महिलाओं के सूट तक सिलवाने मैं जाता था। शुरूआत में तो मुझे अच्छे पैसे दिए जा रहे थे। इस वजह से मैं पूरी ईमानदारी और मेहनत से काम भी करता रहता था।
घर बनाने के लिए कर्ज लेकर फंसा, 200 रुपए दिहाड़ी मिलती: जसविंदर ने कहा- कामकाम करने के करीब 3 साल बाद उसने घर बनवाने की सोची। इसके लिए उसने जमींदार से करीब ढ़ाई-3 लाख रुपए कर्जा ले लिया। मगर, इसके बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। मुझे पूरी दिहाड़ी की जगह रोजाना सिर्फ 200 से 220 रुपए दिए जाते थे। जसविंदर की पत्नी ने कहा- आज के समय में 100 रुपए किलो दूध पहुंच गया है। वहीं 100 रुपए की सब्जी आ जाती है। 200 रुपए में एक परिवार क्या गुजर बसर करेगा।
रिश्तेदारी में नहीं जाने देते, अपशब्द कहते: जसविंदर ने कहा- जब मैंने कभी अपनी रिश्तेदारी में जाना होता था या अपने परिवार से मिलना होता था तो मेरे साथ झगड़ा किया जाता था। मुझे गालियां दी जाती थी। जमींदार के भाई और परिवार के दूसरे लोग मुझे अपशब्द कहते थे। जसविंदर की पत्नी बलवीर कौर ने कहा कि मेरे पति से 2022 में एफिडेविट पर जबरदस्ती हस्ताक्षर भी कराए गए।
धमकी देकर कहते, तुझे यहीं रहना है: जसविंदर ने कहा- गेहूं या धान के सीजन में मैं मंडी में ही ज्यादातर रहता था। जब मैं काम छोड़ने की बात कहता था तो मुझे कहते थे कि 5 लाख ब्याज सहित हमें वापस कर दे और चला जा नहीं तो तेरा घर तोड़ देंगे। मैंने घर बनवाने के लिए ढ़ाई से 3 लाख रुपए इनसे लिए थे। ये मुझे धमकी देते थे कि तूने यहीं रहना है और यहीं सोना है।
हमें मत छोड़ना, चाहे पत्नी को तलाक दे दे: जसविंदर ने कहा- मुझे कहा जा रहा था कि तुम हमें मत छोड़ना, बेशक अपना परिवार छोड़ कर पत्नी को तलाक दे दे। हम तुझे और तेरे बच्चों को संभाल लेंगे। पत्नी बलवीर कौर ने कहा कि उसके पति को पूरी तरह से बंधक बनाकर रखा गया था। जसविंदर ने कहा कि इन सालों में कभी जमींदार ने उनके साथ कोई हिसाब-किताब नहीं किया।
निहंगों ने बंधक बनाए एक व्यक्ति को छुड़वाया।
निहंग बाबा कुलदीप के पास पहुंची पत्नी ने सुनाई परेशानी
बच्चे बीमार होते तो भी घर नहीं भेजते: पति को जमींदार की कैद से छुड़ाने के लिए पत्नी निहंग बाबा कुलदीप सिंह के पास पहुंची। पत्नी ने उन्हें बताया कि जब पति घर आते थे, तो वे इन्हें फोन करके बुला लेते थे। और जब ये काम पर जाते थे तो बाद में यदि मेरे बच्चे बीमार होते थे, तो ये उन्हें भेजते नहीं थे।
काम पर पहुंचते ही मेाबाइल ले लेते, बात नहीं कराते: पत्नी ने कहा- जब ये घर से जाते थे तो काम पर पहुंचते ही जमींदार इनसे फोन ले लेता था। इनका फोन वह अपने पास रख लेता थे। शाम होने पर जसविंदर को फोन देते थे। अगर हम फोन करते थे, तो जसविंदर से बात भी नहीं करवाते थे। जब मैंने हिसाब-किताब की बात की और पुलिस चौकी गए तो वहां अब कह रहे कि इन्होंने हमारे पैसे देने हैं।
1.56 लाख की जगह ब्याज समेत 3 लाख मांगने लगे: पत्नी ने कहा- मेरे भाई ने हिसाब-किताब किया। जिसके मुताबिक हमने इनके ₹1.56 लाख रुपए ही और देने हैं। इस बारे में जमींदार को कहा तो उसने कहा कि अगर पैसे तूने देने हैं, तो फिर हमें 3 लाख ब्याज समेत देना होगा। अगर जसविंदर ने देने हैं तो फिर ये ₹1.56 लाख रुपए काम करके लौटाएगा।
एक व्यक्ति हर वक्त पति के साथ रहता: पत्नी ने कहा कि ये मेरे पति को घर आने नहीं देते। जब इन्हें पुलिस चौकी लेकर आते थे, तो भी वे इनके साथ ही बैठे रहते थे। हमें डराया-धमकाया जाता रहा। मैंने अपने घर के बिजली मीटर की सिक्योरिटी भरवानी है। वो भी भरवाने के लिए जाने नहीं देते। एक व्यक्ति को जमींदार हमेशा जसविंदर के साथ ही रखता है। वह व्यक्ति सिर्फ नजर रखता है कि जसविंदर कहा गया है और किससे मिला है। रात को जसविंदर को घर नहीं आने देते।
बच्चों के स्कूल तक नहीं गया, गालियां भी देते: बलवीर कौर ने कहा कि मेरा पति जसविंदर कभी अपने बच्चों के स्कूल तक नहीं गया। किसी रिश्तेदार के यहां जन्म हो या मौत हो कही इसे आने-जाने नहीं देते थे। मेरे साथ कभी इन्होंने कोई हिसाब नहीं किया। मैं जब कभी बच्चों से मिलने जाता था तो फोन करके बार-बार बुलाते थे और वापस ना जाने पर गालियां देते थे। रोटी मुझे जमींदार जरूर तीनों टाइम देते थे।
पुलिस की मदद से छुड़ाया इसके बाद निहंग बाबा कुलदीप सिंह ने जत्थे के साथ मिलकर पुलिस को सूचना दी। जमींदार के पास 2 पिस्टल थे, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में लिया और फिर निहंगों ने जमींदार के घर जाकर जसविंदर को मुक्त कराया।
SHO बोले-मामले की जांच होगी इस मामले में लुधियाना के थाना जमालपुर के SHO प्रमोद कुमार ने कहा कि मैं अभी दो दिन पहले ही चार्ज लिया है। मामले की पूरी जानकारी अभी ले रहे है। मामले की निष्पक्षता से जांच होगी। उधर, दूसरे पक्ष से जब बात करनी चाही तो उन्होंने अभी इस मामले में कुछ भी कहने से मना कर दिया।