हाईकोर्ट ने HDFC बैंक को लगाई फटकार:5 हजार के संदिग्ध लेनदेन पर पूरा खाता फ्रीज करना गलत, बिना सूचना की थी कार्रवाई
Punjab News Live -PNL
May 9, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब
चंडीगढ़ , (PNL) : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बैंक खातों को फ्रीज करने के मामलों में बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि मामूली संदिग्ध लेनदेन के आधार पर किसी व्यक्ति का पूरा बैंक खाता बंद करना गैरकानूनी है। अदालत ने एचडीएफसी बैंक को खाताधारक का खाता दोबारा चालू करने के निर्देश दिए हैं।जस्टिस जगमोहन बंसल की बेंच ने त्रिपत जीत सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि केवल 5 हजार रुपए के संदिग्ध लेनदेन के कारण पूरा खाता फ्रीज करना सही नहीं है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं है और मजिस्ट्रेट का आदेश भी नहीं है, तो इस तरह की कार्रवाई कानून के खिलाफ मानी जाएगी।
खाता बिना किसी सूचना के फ्रीज किया
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उनका बैंक खाता बिना किसी सूचना के फ्रीज कर दिया गया था। खाते में 5 हजार रुपए की एक संदिग्ध एंट्री आई थी, जिसके बाद बैंक ने कार्रवाई की। हालांकि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और न ही किसी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप था।
सुनवाई के दौरान बैंक की ओर से कहा गया कि कार्रवाई कानून प्रवर्तन एजेंसियों के निर्देश पर की गई थी। बैंक ने यह भी माना कि उसके पास मजिस्ट्रेट का कोई आदेश नहीं था और याचिकाकर्ता की किसी आपराधिक भूमिका की जानकारी भी नहीं है।
कमाई पर पड़ता है असर
हाईकोर्ट ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 106 के तहत बैंक खाते को सीधे फ्रीज नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि बैंक खाता फ्रीज करने के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति जरूरी है। बिना वजह किसी निर्दोष व्यक्ति का पूरा खाता बंद करना गलत है, क्योंकि इससे उसकी रोजमर्रा की जिंदगी और कमाई पर असर पड़ता है।
कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता का बैंक खाता तुरंत बहाल किया जाए। हालांकि विवादित 5 हजार रुपए की राशि फिलहाल फ्रीज रहेगी और उसका उपयोग नहीं किया जा सकेगा। अदालत ने कहा भविष्य में जांच के दौरान यदि खाताधारक की संलिप्तता सामने आती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए नागरिकों के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता।