हॉकी कप्तान हरमनप्रीत परिवार संग गोल्डन टेंपल में माथा टेका:प्रो लीग के बाद अमृतसर पहुंचे, देश की तरक्की के लिए की अरदास
Punjab News Live -PNL
July 7, 2026
अमृतसर, ताजा खबर, पंजाब
अमृतसर , (PNL : अंतरराष्ट्रीय हॉकी मंच पर देश का मान बढ़ाने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह अमृतसर स्थित पवित्र धार्मिक स्थल श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। इस धार्मिक यात्रा के दौरान उनके साथ उनका परिवार भी मौजूद था। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गुरु घर के गर्भगृह में पूरी श्रद्धा के साथ मत्था टेका और प्रो लीग में टीम को मिली सफलता के लिए वाहेगुरु का शुकराना अदा किया।
उन्होंने गुरु चरणों में बैठकर ‘सरबत के भले’ यानी पूरी मानवता के कल्याण, देश की निरंतर तरक्की और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भारतीय हॉकी टीम की सफलता के लिए विशेष अरदास भी की।
श्री दरबार साहिब से बचपन का नाता और रूहानी सुकून का अहसास
धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद मीडिया से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी गहरी आस्था को साझा किया। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि वे अपने बचपन के दिनों से ही अपने परिवार के साथ श्री दरबार साहिब आते रहे हैं।
उनके जीवन में इस पवित्र स्थान का बहुत बड़ा महत्व है। उनका मानना है कि किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में जाने से पहले या वहां से लौटने के बाद गुरु घर में आकर शीश नवाना और आशीर्वाद लेना उनका परम सौभाग्य है। हरमनप्रीत ने कहा कि श्री दरबार साहिब के शांत वातावरण में जो आध्यात्मिक सुकून और रूहानी शांति मिलती है, उसे शब्दों की सीमा में व्यक्त कर पाना किसी भी इंसान के लिए मुमकिन नहीं है।
प्रो लीग में टीम वर्क और पाकिस्तान के खिलाफ बड़ी जीत पर चर्चा
हाल ही में संपन्न हुई प्रो लीग में भारतीय टीम के खेल की चर्चा करते हुए कप्तान ने पूरी टीम के सामूहिक प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा और मैदान पर सभी खिलाड़ियों ने एकजुट होकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
खिलाड़ियों की इसी दिन-रात की कड़ी मेहनत का नतीजा था कि टीम ने टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली खेल दिखाया। उन्होंने विशेष तौर पर चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मिली बड़ी जीत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान का मुकाबला सिर्फ एक साधारण खेल नहीं होता, बल्कि दोनों देशों के करोड़ों खेल प्रेमियों की भावनाएं और विशेष महत्व इससे जुड़ा होता है।
ऐसे दबाव वाले हाई-वोल्टेज मैचों में बड़े अंतर से जीत हासिल करना पूरी टीम के लिए बेहद गर्व की बात होती है और इस तरह की जीतों से पूरी टीम का आत्मविश्वास और मनोबल सातवें आसमान पर पहुंच जाता है। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई कि भारतीय हॉकी टीम अपने इस विजय रथ को आने वाले टूर्नामेंटों में भी जारी रखेगी और देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतकर दुनिया भर में तिरंगा लहराएगी।
देश की युवा खेल प्रतिभाओं को ईमानदारी और अनुशासन का संदेश
बातचीत के आखिरी दौर में भारतीय कप्तान ने देश के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों और नई पौध के लिए एक बेहद प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि भारत में खेल प्रतिभाओं और टैलेंट की कोई कमी नहीं है, बस जरूरत उन्हें सही दिशा में मोड़ने की है।
हरमनप्रीत ने युवाओं को सफलता का मंत्र देते हुए जोर दिया कि हर खिलाड़ी को बाहरी चीजों से दूर रहकर सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए। इसके साथ ही खेल के मैदान पर और निजी जीवन में अपने कोच तथा बड़ों के अनुभवों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने अंत में कहा कि ईमानदारी, कड़े अनुशासन, पूरी लगन और समर्पण के साथ की गई मेहनत कभी खाली नहीं जाती और यही गुण अंततः खिलाड़ी को कामयाबी के शिखर पर लेकर जाते हैं।