सुखबीर बादल पर फायरिंग के मामले में नारायण सिंह चौरा कोर्ट में पेश हुए, वकील ने क्या कहा
Punjab News Live -PNL
August 20, 2026
अमृतसर, ताजा खबर, पंजाब
अमृतसर , (PNL) : श्री दरबार साहिब के घंटाघर के बाहर 4 दिसंबर, 2024 को सुखबीर सिंह बादल पर हुई गोलीबारी के मामले में आरोपी नारायण सिंह चौरा और धर्म सिंह को कल अमृतसर की अदालत में पेश किया गया। उनकी उपस्थिति दर्ज की गई। यह मामला एफआईआर संख्या 134/24 से संबंधित है।
सुनवाई के दौरान अदालत में दो गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अब इन गवाहों से जिरह की जानी बाकी है। मामले में आरोप तय किए जा चुके हैं और गवाही की प्रक्रिया जारी है।
सुनवाई के बाद नारायण सिंह चौरा ने मीडिया से बात की और अपनी जमानत तथा मामले की जांच से जुड़े कई मुद्दों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अदालत ने योग्यता के आधार पर उन्हें जमानत दी है। उनके अनुसार, जब अदालत ने तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद फैसला लिया है, तो जमानत देने वाले न्यायाधीश के फैसले पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
चौरा ने बताया कि उन्हें जमानत मिलने में 111 दिन लग गए। उन्होंने तर्क दिया कि कई अन्य मामलों में आरोपियों को इससे कम समय में राहत मिल जाती है। उन्होंने कहा कि हर मामले को उसके तथ्यों और कानून के आधार पर देखा जाना चाहिए।
केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच की मांग का बचाव किया।
उन्होंने पुलिस की कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने के तरीके पर भी सवाल उठाए। चौरा ने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को घटना में शिकायतकर्ता बनाना था, तो एफआईआर सीधे संबंधित लोगों द्वारा क्यों दर्ज नहीं कराई गई। उन्होंने सुखबीर सिंह बादल, बिक्रम सिंह मजीठिया, सुखबीर बादल की पत्नी और सुरक्षाकर्मियों से जुड़े लोगों का जिक्र किया।
चौरा ने मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी नियुक्त करने की मांग का बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि मामला उच्च न्यायालय तक भी पहुंच चुका है और यदि न्यायालय को केंद्रीय जांच की आवश्यकता महसूस होती, तो इस संबंध में आदेश जारी किए जा सकते थे। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न एजेंसियां पहले ही इस मामले की जांच कर चुकी हैं।
वकील ने क्या कहा?
नारायण सिंह चौरा के वकील, एडवोकेट जसपाल सिंह मांझपुर ने बताया कि एडवोकेट बलजिंदर सिंह बाजवा भी उनके साथ अदालत में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि मामले में आरोप दायर कर दिए गए हैं और अब गवाहों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। आज दो गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं और अगली कार्यवाही में उनसे जिरह की जाएगी।
अधिवक्ता मंझपुर ने बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा नारायण सिंह चौरा का नाम लेने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित आरोपों और तथ्यों को सार्वजनिक बयानों के बजाय सबूतों के माध्यम से अदालत में पेश किया जाना चाहिए।
वकील के मुताबिक, सुखबीर सिंह बादल का बयान अभी तक दर्ज नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामले से संबंधित कुछ सीसीटीवी फुटेज और एफएसएल रिपोर्ट अभी अदालत में पेश नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने इन सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए ही जमानत पर विचार किया है।
आपने पुराने मामलों और आईएसआई संबंधों के बारे में क्या कहा?
नारायण सिंह चौरा और आईएसआई से कथित संबंधों से जुड़े पुराने मामलों के बारे में अधिवक्ता मांझपुर ने कहा कि अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में चौरा के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि, वकील का दावा है कि कई मामलों में अदालतों ने चौरा को बरी कर दिया है और आईएसआई से उनके संबंधों के संबंध में अदालत में कोई ठोस सबूत साबित नहीं हुआ है।
वकील ने यह भी बताया कि पुलिस के खिलाफ कथित झूठी गवाही और दस्तावेजों से संबंधित एक मामला तरनतारन अदालत में लंबित है। उन्होंने कहा कि इस मामले में भी सभी गवाहों के बयान और सबूत दर्ज होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के बाद नारायण सिंह चौरा को बरी कर दिया जाएगा और सभी तथ्य अदालत के समक्ष हैं।