राम मंदिर पर संसद में अनोखा प्रदर्शन… डिंपल यादव ने रखा चंदा बॉक्स और संत बनकर बैठे पप्पू यादव, राहुल गांधी ने दिया चंदा
Punjab News Live -PNL
July 31, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) : चंदी चोरी के मामले पर आज शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी दलों की ओर से अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया गया. निर्दलीय सांसद पप्पू यादव संत बनकर परिसर पहुंचे तो अन्य सांसदों के साथ चढ़ावा चोरी को लेकर एक छोटी सी प्रस्तुति दी. इस प्रस्तुति के जरिए विपक्ष ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा और मामले पर संसद में चर्चा कराने तथा जवाबदेही तय करने की मांग की गई.
बिहार के पूर्णिया क्षेत्र से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव एक पुजारी का वेश धारण करके संसद भवन के मकर द्वार पहुंचे और फिर दान पेटी के साथ वहां कुछ समय तक बैठे हुए थे. सपा सांसद डिंपल यादव ने पुजारी बने पप्पू यादव के पास दान पेटी रखी. फिर थोड़ी देर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस ‘दान पेटी’ में कुछ पैसे दान किए. कई अन्य सांसदों ने भी पैसे दान किए.
राहुल गांधी के दान के पैसे जेब में डाले
उनके प्रदर्शन के दौरान जब राहुल गांधी समेत कई नेता उस दान पेटी में पैसे डालने के लिए गए तो सांसद पप्पू यादव ने वो पैसे अपनी जेब में डाल लिए. इसके जरिए उन्होंने यह दर्शाने की कोशिश की कि इसी तरह से राम मंदिर के चढ़ावे को चुराया गया था. फिर कई विपक्षी सदस्यों ने चोर-चोर और चढ़ावा चोर कहते हुए पप्पू यादव को घेर लिया.
इस तरह के प्रदर्शन पर फैजाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “आज यह मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. इस लड़ाई की शुरुआत अखिलेश यादव ने की थी, और इसे आगे बढ़ाने की हमारी जिम्मेदारी है, जो हमें अयोध्या की जनता ने सौंपी है.” उन्होंने आगे कहा, “अयोध्या भगवान श्रीराम की पावन भूमि है. यदि अयोध्या का अपमान हुआ है, तो हम इस मसले को पूरी दृढ़ता के साथ उठाएंगे. हम इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे और इस पर चर्चा की मांग भी करेंगे.”
विपक्षी सदस्यों ने चंदा चोरी के अलावा प्रदर्शनकारी छात्रों पर दिल्ली पुलिस की बर्बर कार्रवाई के खिलाफ भी संसद परिसर में नारेबाजी की और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की.चंदा चोरी पर सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, “अयोध्या की घटनाओं पर गौर करें तो आप देखेंगे कि चढ़ावा चढ़ाने गए भक्तों को रसीदें नहीं दी गईं. दान पेटी तक पहुंचने से पहले ही पैसे ले लिए गए. पैसों की गिनती वाली जगह पर CCTV कैमरों ने कुछ ही दिनों में गड़बड़ी के 70 वीडियो रिकॉर्ड किए, फिर भी बाद में सारा पुराना फुटेज डिलीट कर दिया गया. ऐसे में हमारा यहां पर यह विरोध सांकेतिक था, जिसका मकसद अयोध्या में हो रही खुली लूट को उजागर करना था. यह लूट तब से चल रही है जब 2020 में भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाया गया था. यह सारा पैसा BJP, RSS और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोगों की जेबों और बैंक खातों में चला गया है.”