पंजाब में 14 अगस्त से भारी बारिश का अलर्ट:तापमान 4.6° बढ़ा, डैम खतरे के निशान से नीचे; मानसून सीजन में 32% कम बारिश
Punjab News Live -PNL
August 13, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब
चंडीगढ़ , (PNL) : पंजाब और चंडीगढ़ में इस बार स्वतंत्रता दिवस पर बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक 14 से 18 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, आज (13 अगस्त) बारिश का कोई अलर्ट नहीं है। हालांकि सभी जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है।पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और पटियाला में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि अन्य स्थानों पर छिटपुट बारिश के आसार हैं। बुधवार को बारिश नहीं होने से राज्य के तापमान में 4.6 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, जिससे यह सामान्य के करीब पहुंच गया। भाखड़ा डैम में 37.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।पठानकोट में तापमान एक दिन में 9.8 डिग्री और चंडीगढ़ में 7 डिग्री बढ़ा। वहीं, मानसून सीजन में अब तक पंजाब में 195.1 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 32 फीसदी कम है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत हो रहा है। अगले 12 घंटों में इसके डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा, जिसका असर पंजाब और चंडीगढ़ के मौसम पर पड़ सकता है। वहीं, दक्षिण हरियाणा के ऊपर भी एक मौसम सिस्टम सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।इन सिस्टम के प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम बदल सकता है। फिलहाल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है, जबकि 14 से 18 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। इस दौरान पंजाब के कई हिस्सों में बारिश और कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
भाखड़ा और पोंग डैम में पानी का स्तर अधिकतम सीमा से नीचे है। भाखड़ा डैम में जलस्तर 1,616.2 फीट है, जो इसकी अधिकतम सीमा 1,680 फीट से करीब 64 फीट कम है। वहीं, पोंग डैम का जलस्तर 1,351.73 फीट है, जो 1,390 फीट की अधिकतम सीमा से करीब 38 फीट नीचे है। दोनों डैम के जलस्तर से बाढ़ जैसी खतरे की स्थिति नहीं है। हालांकि, डैम में पानी की आवक जारी है, इसलिए जलस्तर और आवक पर नजर रखी जा रही है।पंजाब में बुधवार को बिजली की कुल मांग 12,594 मेगावाट रही। राज्य ने 4,341 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि केंद्रीय ग्रिड से 8,254 मेगावाट बिजली ली गई। केंद्रीय ग्रिड से तय शेड्यूल 8,238 मेगावाट का था, यानी राज्य ने करीब 16 मेगावाट अधिक बिजली ली।