जालंधर , (PNL) : पंजाब बिजली कर्मचारी संघर्षशील मोर्चा के आह्वान पर खन्ना में बिजली मंत्री के आवास के बाहर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में जालंधर की विभिन्न जत्थेबंदियों ने भी हिस्सा लिया। धरने में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों ने सरकार और प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की।
इस रोष प्रदर्शन में इम्प्लाइज संघर्ष यूनियन पावरकॉम/ट्रांस को पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष करमजीत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में विभिन्न सर्कलों से आए नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। इम्प्लाइज संघर्ष यूनियन पंजाब के जालंधर सर्कल से भी परमजीत सिंह लड़ोआ के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी प्रदर्शन में शामिल हुए। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कर्मचारियों की भारी मौजूदगी ने संगठन की एकजुटता और मजबूती को दर्शाया।
जायज मांगों की लगातार अनदेखी
धरने को संबोधित करते हुए बिजली कर्मचारी संघर्षशील मोर्चा के नेता करमजीत सिंह सिद्धू, सचिव अवतार कैंथ, जालंधर सर्कल के नेता परमजीत सिंह लड़ोआ, गुरविंदर गुरु, हरप्रीत सिंह, गुरमेल महदपुर, अमित कुमार, हरजस महाराज और सरदारा सिंह गज्जूमाजरा ने कहा कि बिजली कर्मचारी लंबे समय से अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार और प्रबंधन लगातार उनकी अनदेखी कर रहे हैं।
बिजली मंत्री की रिहायश के बाहर धरना देने पहुंचे कर्मचारी।
प्रोबेशन पीरियड 3 साल से घटाकर एक साल करने की मांग
नेताओं ने कहा कि बिजली कर्मचारी हर मौसम में दिन-रात अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मोर्चा के नेताओं ने सरकार और प्रबंधन से मांग की कि पंजाब के वेतनमान तुरंत लागू किए जाएं और 35,400 रुपए का स्केल बिना किसी देरी के दिया जाए। इसके अलावा उन्होंने पार्ट-टाइम स्वीपरों को नियमित करने, 298/21 और 297/11 श्रेणी के कर्मचारियों को ट्रांसको की तर्ज पर पदोन्नति देने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने और प्रोबेशन पीरियड को तीन साल से घटाकर एक साल करने की भी मांग की।
ऐलान हक न मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
यूनियन नेताओं ने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज तथा व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रबंधन की होगी।
धरने के समापन पर सभी कर्मचारियों ने एकजुट होकर ऐलान किया कि हक मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर हम अपने अधिकार लेकर रहेंगे।