चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ नगर निगम की 363वीं जनरल हाउस बैठक में 227 करोड़ रुपए के टेबल एजेंडे को मंजूरी दिए जाने का विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) ने भी इस मुद्दे पर भाजपा और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।पार्टी ने गुरुवार को राजभवन की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें चलाईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
आप का आरोप है कि नगर निगम की जनरल हाउस बैठक में कजौली से चंडीगढ़ तक वाटर सप्लाई पाइपलाइन बदलने से जुड़े 227 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को अंतिम समय में टेबल एजेंडे के रूप में पेश कर बिना पर्याप्त चर्चा के मंजूरी दे दी गई। पार्षदों को प्रस्ताव का अध्ययन करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। न ही सदन में इस पर चर्चा हुई।आप नेताओं का आरोप है कि जनता के टैक्स से जुड़ी इतनी बड़ी परियोजना को दो पन्नों के टेबल एजेंडे के माध्यम से जल्दबाजी में पारित करना पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।मार्च के बाद पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक को ज्ञापन सौंपेगा। इसमें 227 करोड़ रुपए के प्रस्ताव की कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच, जांच पूरी होने तक परियोजना पर रोक तथा डीपीआर, लागत का मदवार ब्योरा और तकनीकी स्वीकृतियां सार्वजनिक करने की मांग की जाएगी।आम आदमी पार्टी के विरोध मार्च और राजभवन तक प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सेक्टर-17 स्थित नगर निगम भवन से लेकर राजभवन तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी की गई है, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।