जालंधर , (PNL) : होशियारपुर के युवक सुखविंदर सोनू (23) की इटली में पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इटली पुलिस ने उसे लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में हिरासत में लिया था। उसकी मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार ने बताया कि सुखविंदर धार्मिक नेचर का था। गांव के गुरुद्वारे में पाठी रहा है।
उन्होंने बताया कि लड़कियों की तरफ उसका कभी ध्यान तक नहीं था। इस झूठे इल्जाम को वह बर्दाश्त नहीं कर पाया। 5 साल पहले 11वीं तक पढ़ने के बाद वह इटली चला गया था।
मां ने अपने गहने गिरवी रख लगभग 15 लाख का कर्ज उठाकर उसे भेजा था। बेटे के लौटने और परिवार की गरीबी खत्म होने के इंतजार में मां का 2 साल पहले निधन हो गया। घर पर बुजुर्ग पिता को तो 1 दिन पहले इटली से मिले लेटर से ये भी समझ नहीं आया कि हुआ क्या है।
आस-पड़ोस के पढ़े-लिखे लोगों को भी लेटर दिखाया, लेकिन कोई भी उसमें इटालियन भाषा में लिखी बातों को समझ नहीं पाया। इसके बाद गांव के ही किसी युवा ने AI के जरिए इटालियन से लेटर को पंजाबी में कन्वर्ट किया। उसने बताया अंकल जी सुखविंदर की तो मौत हो गई है। इसमें यही लिखा है।
ये सुन परिवार में चीख-पुकार मच गई। इसके बाद फिर गांव के ही इटली में रहते दूसरे युवकों से पता करने को कहा। जब युवकों ने वहां की पुलिस से पता किया तब जाकर कंफर्म हुआ कि सच में मौत हुई है। सुखविंदर गांव मियानी का रहने वाला था।
सुखविंदर सोनू, जिसकी मौत हो गई।
अब पढ़िए सुखविंदर के साथ इटली में क्या हुआ…
परिवार का इकलौता बेटा, 2 बहनें, 1 शादीशुदा
सुखविंदर घर की माली हालत ठीक करने के लिए 5 साल पहले इटली के ब्रेसिया में गया था। वहां पर वह खेती मजदूर के तौर पर काम करता था। उसकी 2 बहनें हैं। एक बहन शादीशुदा है। छोटी बहन अमनदीप ने बताया कि सुखविंदर उनका इकलौता भाई था। उससे परिवार को बहुत उम्मीद थी। उसने वहां पर पक्का होने के लिए भी अप्लाई कर रखा था और इसके बाद घर आना था। वह मां के संस्कार में भी घर नहीं आ पाया था।
गलती से एक लड़की से टच हो गया था
अमनदीप ने बताया कि भाई से जब लास्ट टाइम बात हुई थी तो उसने बताया था कि वह 21 जून को वाटर पार्क में घूमने के लिए गया था। इस दौरान वहां पर तीन लड़कियां सेल्फी ले रही थीं और बातें कर रही थी। पार्क के बीच से गुजरते हुए उसका हाथ एक लड़की के हाथ से छू गया। इसके बाद लड़कियों ने बहस करनी शुरू कर दी और पुलिस को कॉल कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया।
अरेस्ट के बाद सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया भाई
बहन ने बताया कि सुखविंदर को वहां की पुलिस ने हिरासत में लिया है, इसकी सूचना उनको न्यूज के जरिए पता चली। उससे बात भी हुई। लेकिन उसने कहा कि उसका कोई कसूर नहीं है। लड़कियों ने उस पर झूठा इल्जाम लगाया है। अरेस्ट करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। जेल के सेल में ठीक महसूस नहीं करने पर उसे दूसरे सेल में भेजा गया। लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। बहन ने बताया कि उसका भाई झूठे इल्जाम को बर्दाशत नहीं कर पाया।