अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद सीएनजी की कीमतों में पांचवीं बार बढ़ोतरी हुई है, छह महीनों में कीमतें इतनी बढ़ गई हैं
Punjab News Live -PNL
August 29, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) :दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी वाहन चलाने वालों पर एक बार फिर मुसीबत आ गई है। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने सीएनजी की कीमत में 3.89 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की है। नई कीमतें शनिवार से लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में सीएनजी की कीमत बढ़कर 86.98 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। गौरतलब है कि इस साल यह पांचवीं बार है जब सीएनजी की कीमत बढ़ाई गई है। अकेले मई महीने में ही चार बार कीमत बढ़ाई गई थी। हालांकि, मई के बाद यह पहली बार है जब सीएनजी की कीमत में बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले मई में ही, आईजीएल ने 10 दिनों के भीतर चार चरणों में कुल 6 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी।
कंपनी ने बताया कि सीएनजी उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली गैस का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयातित एलएनजी से प्राप्त होता है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलएनजी की कीमत में काफी वृद्धि हुई है। इससे गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और कंपनी ने इसका कुछ भार ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है। नई बढ़ोतरी के बाद नोएडा और गाजियाबाद में सीएनजी की कीमत अब 95.59 रुपये प्रति किलो, मेरठ में 95.47 रुपये प्रति किलो और गुरुग्राम में 92.01 रुपये प्रति किलो हो गई है। वैट की दरें राज्यों के अनुसार अलग-अलग हैं, जिसके कारण सीएनजी की कीमतों में अंतर है।
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी से दिल्ली-एनसीआर में चलने वाले ऑटो, टैक्सी और मालवाहक वाहनों पर असर पड़ सकता है। इससे भविष्य में यात्री किराए और माल ढुलाई लागत में वृद्धि होने की संभावना है। सीएनजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी नाकाबंदी ने भी चिंताएं बढ़ा दी हैं। यह दुनिया के प्रमुख तेल और गैस व्यापार मार्गों में से एक है, जिससे होकर दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का व्यापार होता है।
सीएनजी की बढ़ती कीमतों से अन्य राज्यों से आयातित सब्जियों, फलों और राशन की कीमतों पर असर पड़ सकता है। सीएनजी की कीमतों में इस वृद्धि से परिवहन और अन्य कृषि लागतें बढ़ सकती हैं। ट्रैक्टर और पंपिंग सेट की लागत में वृद्धि से अनाज की कीमतों पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, ऑटो, बस और स्कूल बस के किराए में भी वृद्धि होने की संभावना है, जिससे आम आदमी के लिए दैनिक यात्रा की लागत बढ़ जाएगी।