लुधियाना , (PNL) : लुधियाना और माछीवाड़ा साहिब के तीन युवक अपराध, अपहरण या बंधक बनाए जाने के कारण लापता नहीं हुए थे। पुलिस जांच में सामने आया कि वे ऑनलाइन बैटल गेम फ्री फायर की दीवानगी और परिजनों की डांट से बचने के लिए चुपचाप घर से निकल गए थे। तीनों युवक मोबाइल फोन बंद कर राजस्थान के सीकर पहुंच गए थे। वे ऑनलाइन गेम के जरिए बने दोस्तों से मिलने की योजना बनाकर घर से निकले थे। उनके अचानक गायब होने से परिवारों में हड़कंप मच गया। परिजनों की शिकायत के बाद खन्ना पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और राजस्थान के एक होटल से तीनों को बरामद कर लिया।पुलिस के अनुसार, बरामद युवकों की पहचान उत्कर्ष और वरुण कुमार निवासी माछीवाड़ा साहिब तथा मोहित निवासी गिल रोड लुधियाना के रूप में हुई है। उत्कर्ष और वरुण कॉलेज छात्र हैं। तीनों की उम्र करीब 22 साल है।
तीनों युवकों को उनके परिजनों के सुपुर्द करती पुलिस।
अब विस्तार से पढ़ें पूरा मामला:-
20 अगस्त को कार लेकर निकले थे: खन्ना एसएसपी दर्पण आहलूवालिया के अनुसार तीनों युवक 20 अगस्त को वरुण के परिवार की कार लेकर सीकर के लिए निकले थे। इसके बाद उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। परिवार के लोगों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद होने के कारण कोई जानकारी नहीं मिल सकी। तीनों के अचानक लापता होने पर परिजनों ने खन्ना पुलिस से संपर्क कर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस को गैंगस्टरों के चंगुल में फंसने का था शक: तीनों युवकों के अचानक गायब होने और मोबाइल फोन बंद होने को पुलिस ने गंभीरता से लिया। पुलिस को आशंका थी कि कहीं वे किसी गैंगस्टर या असामाजिक तत्व के संपर्क में आकर उनके चंगुल में तो नहीं फंस गए। कहीं उन्हें किसी आपराधिक गतिविधि में इस्तेमाल करने की कोशिश तो नहीं की जा रही। इसके बाद खन्ना पुलिस की तकनीकी टीम ने युवकों के डिजिटल फुटप्रिंट खंगालने शुरू किए।
CDR, IMEI और Gmail से खुला लोकेशन का राज: एसएसपी के अनुसार, पुलिस ने सबसे पहले कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), IMEI नंबर और Gmail से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया। जांच के दौरान एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला। इसके बाद ओपन-सोर्स जानकारी के जरिए उस डिवाइस को एक गेमिंग प्रोफाइल से जोड़ा गया। Gmail से मिली जानकारी ने भी युवकों की लोकेशन का पता लगाने में मदद की। अलग-अलग तकनीकी सुरागों को जोड़ने के बाद पुलिस ने तीनों की लोकेशन राजस्थान में ट्रेस कर ली।
सीकर के होटल में मिले तीनों: लोकेशन मिलने के बाद खन्ना पुलिस ने राजस्थान पुलिस से संपर्क किया और युवकों की जानकारी साझा की। राजस्थान पुलिस की टीम ने सीकर में खाटू श्याम मंदिर के पास एक होटल में छापेमारी की, जहां तीनों युवक मिल गए। इसके बाद खन्ना पुलिस की टीम राजस्थान पहुंची और तीनों युवकों को वापस लेकर आई।
माता-पिता की डांट से बचने के लिए घर छोड़ा: पुलिस की शुरुआती पूछताछ में युवकों ने बताया कि उनके माता-पिता उन्हें लगातार ज्यादा समय तक फ्री फायर खेलने से रोकते और डांटते थे। इसी वजह से उन्होंने घर से निकलने का फैसला किया। हालांकि, उनका मकसद केवल गेमिंग दोस्तों से मिलने तक सीमित नहीं था। पुलिस के मुताबिक, तीनों देशभर में घूमकर फ्री फायर के जरिए बनाए गए दोस्तों से मिलने की योजना बना रहे थे। उन्होंने अपने ऑनलाइन दोस्तों के साथ हरिद्वार और केदारनाथ जाने की भी योजना बनाई थी।
युवक बोले- फ्री फायर हमारी पहली प्राथमिकता: पूछताछ में युवकों ने पुलिस को बताया कि फ्री फायर उनके लिए महत्वपूर्ण है और वे इसे छोड़ना नहीं चाहते। युवकों के मुताबिक, वे देशभर में गेम के जरिए बने अपने दोस्तों से मिलना चाहते थे। एसएसपी के अनुसार, पुलिस ने तीनों युवकों की काउंसलिंग की और इसके बाद उन्हें उनके परिवारों के हवाले कर दिया।
पुलिस की अपील- ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर नजर रखें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बच्चों और युवाओं की ऑनलाइन गेमिंग गतिविधियों पर नजर रखें। उन्हें इंटरनेट पर बने अनजान दोस्तों के साथ मिलने-जुलने के संभावित खतरों के बारे में भी जागरूक करें।