लुधियाना के पूर्व MLA सिमरजीत बैंस को एक साल कैद:पूर्व सेहत मंत्री पर लगाए थे आरोप; मानहानि केस में सजा के बाद बोले- मैं राहुल गांधी का साथी
Punjab News Live -PNL
October 20, 2026
ताजा खबर, पंजाब, लुधियाना
लुधियाना , (PNL) : पंजाब की राजनीति में अपने आक्रामक तेवरों के लिए मशहूर लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और लुधियाना के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को पटियाला की CJM कोर्ट ने एक साल की सजा सुनाई है। यह सजा 2018 के एक मानहानि (Defamation) मामले में सुनाई गई है। सजा के ऐलान के बाद बैंस ने दशहरे के मौके पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे लोकतंत्र और बोलने की आजादी पर हमला बताया।
बैंस ने अपनी तुलना कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी से करते हुए कहा कि जिस तरह राहुल गांधी सच बोलने पर डरे नहीं उसी तरह वह भी माफिया और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। पूर्व सेहत मंत्री से पंगा: बैंस ने आरोप लगाया था कि 2018 में तत्कालीन सेहत मंत्री के संरक्षण में जाली दवाइयों और नशे की गोलियों का कारोबार चल रहा था। इसी खुलासे के बाद उन पर मानहानि का मुकदमा ठोका गया था।
297 पेशियों के बाद फैसला: बैंस ने दावा किया कि उन्होंने इस केस में 297 पेशियां भुगती हैं और पंजाब के इतिहास में मानहानि के मामले में एक साल की सजा मिलने का यह पहला मामला है।
राहुल गांधी से की खुद की तुलना: पूर्व MLA ने कहा मैं राहुल गांधी का साथी हूं। उन्हें भी सूरत कोर्ट ने मोदी सरनेम विवाद में 2 साल की सजा सुनाई थी उनकी सांसदी चली गई बंगला छिन गया लेकिन क्या उन्होंने सच बोलना बंद किया नहीं तो मैं भी चुप नहीं बैठूंगा।
13 बार जा चुका हूं जेल, 25 साल में 5 साल सलाखों के पीछे काटे
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बैंस ने अपने राजनीतिक संघर्षों का कच्चा-चिट्ठा खोलते हुए कहा कि उनके लिए जेल जाना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने बताया कि वह पहली बार 12 साल की उम्र में धर्म युद्ध मोर्चे के दौरान जेल गए थे। अपने 25 साल के राजनीतिक करियर में वह रेत माफिया केबल माफिया और ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ते हुए 13 बार जेल जा चुके हैं और लगभग पौने पांच साल जेल में बिता चुके हैं।
हाईकोर्ट के जज का किया था स्टिंग,याद दिलाया 2019 का वाकया
खुद को एंटी-करप्शन आइकॉन बताते हुए बैंस ने 2019 का वो विवादित मामला भी याद दिलाया जब उन्होंने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एक जज का स्टिंग किया था। बैंस ने कहा सुखपाल खैरा की जमानत रद्द कराने के लिए एक जज ने 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। मैंने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में वो ऑडियो लीक कर दिया था और विधानसभा में उस जज के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया था। उन्होंने कहा कि अदालतें उनके लिए मंदिर हैं, लेकिन अगर कोई वहां बैठकर रिश्वत मांगेगा, तो वे उसे भी बेनकाब करेंगे।
आगे क्या सेशन कोर्ट और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे
सिमरजीत बैंस ने साफ किया है कि वह न्यायपालिका का सम्मान करते हैं लेकिन इस फैसले के खिलाफ पटियाला सेशन कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी सजाओं से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ते रहेंगे और जेल में भी ‘देश की सेवा के गीत गुनगुनाते रहेंगे।