Tuesday , September 8 2026
Breaking News

पंजाबी बच्चों को अमेरिका में बर्थ सिटीजनशिप मिलती रहेगी:हर साल 8 हजार को फायदा; NRI संग अवैध तौर पर रहते पेरेंट्स को भी राहत

जालंधर  , (PNL) : अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ सभी प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है।

हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है।

अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं। न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता-पिता को बड़ी राहत है, जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उन्हें स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था।

न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा-

अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है।

फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी

इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे।

समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।

सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा

पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा।

वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे, लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे।

150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक ऑर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे USA के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं। इसलिए, उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।

About Punjab News Live -PNL

Check Also

हिमाचल में सिख बच्चे से रैगिंग पर अकाल तख्त सख्त:जत्थेदार बोले- ऐसा व्यवहार नहीं चलेगा, प्रिंसिपल बदलने को कहा; वीडियो न चलाने की अपील

अमृतस​र , (PNL) : हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बोर्डिंग स्कूल में सिख बच्चे के …

चंडीगढ़ में युवक ने PCR गाड़ी पर बरसाए डंडे:शीशे तोड़े, अंदर बैठे थे पुलिसकर्मी; पकड़ने पर बोला- भगवान हूं, श्राप दे दूंगा

चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ में एक युवक ने पुलिस की PCR पर डंडे बरसा दिए। …

लुधियाना में 3 महीने की गर्भवती महिला की मौत, कबड्डी खिलाड़ी पति पर कत्ल का आरोप, पढ़ें पूरी खबर

लुधियाना, (PNL): लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा इलाके में 3 महीने की गर्भवती महिला की संदिग्ध …

अमृतसर में नशे के खिलाफ एक्शन, 2 आरोपी गिरफ्तार:कारतूस और हेरोइन बरामद, पाकिस्तान से आए हथियार; सप्लाई से पहले पकड़े

अमृतसर , (PNL) : अमृतसर देहात पुलिस ने नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते …

अमृतसर में रात 10 बजे के बाद DJ पर रोक:8 नए आदेश जारी, रेस्टोरेंट-क्लब 12 बजे तक करने होंगे बंद; रखनी होगी सावधानियां

अमृतसर , (PNL) : अमृतसर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!