अमृतसर , (PNL) : लुधियाना में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के अपमान के मामले को लेकर आज (शुक्रवार) अमृतसर में भंडारी पुल जाम किया जा रहा है। समाज के लोग सड़क पर बैठकर ‘वाल्मीकि शक्ति अमर रहे’ की नारेबाजी कर रहे हैं।चक्का जाम के बीच पंजाब सरकार का पुतला फूंककर बाबा साहेब की बेअदबी के मामले में रोष जताया गया।
जाम से बचाने के लिए पुल से पहले बैरिकेडिंग की गई। जहां पुलिसकर्मी लोगों को रोकते दिखे। उधर, बैरिकेडिंग को लेकर पुलिसकर्मी आपस में ही भिड़ गए। एएसआई समझाते दिखे कि एडीसीपी ने बैरिकेडिंग करवाई है, मगर पीसीआर कर्मी कहने लगे कि इसे हटाओ हम अपने आप जाम खुलवा लेंगे।
चक्का जाम के बीच दौरान इमरजेंसी सेवाओं को चालू रखा गया, जबकि आम यातायात प्रभावित हो रहा है।
वहीं, इससे पहले केंद्रीय वाल्मीकि मंदिर में विभिन्न संगठनों की आपात बैठक में अमृतसर बंद के आह्वान को वापस ले लिया गया। संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि लगातार बंद के कारण व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान हो रहा है। व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुक्रवार को अमृतसर में पूर्ण बंद नहीं किया जाएगा।
वाल्मीकि समाज का प्रदर्शन- PHOTOS…
भंडारी पुल पर भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं, वाहनों की आवाजाही भी न के बराबर है।
भंडारी पुल बंद होने का असर
पुराने और नए शहर को जोड़ता है: अमृतसर का भंडारी पुल शहर के सबसे महत्वपूर्ण ट्रैफिक कॉरिडोर में से एक है। रेलवे लाइन के ऊपर बना यह पुल अमृतसर के पुराने शहर और नए शहर को जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता है। पुराने शहर में हॉल गेट, हॉल बाजार, रामबाग और आसपास के इलाके हैं। जबकि पुल के दूसरी तरफ रेलवे स्टेशन, कचहरी रोड, सिविल लाइंस, रंजीत एवेन्यू और आगे के क्षेत्र जुड़ते हैं।
ट्रैफिक डायवर्ट होने से दूसरे रास्तों पर जाम लगेगा: इस पुल से रोजाना लाखों लोग गुजरते हैं। चूंकि यह पुराने और नए अमृतसर के बीच महत्वपूर्ण लिंक है, इसलिए इसके बंद होने पर ट्रैफिक दूसरे रास्तों पर डायवर्ट होगा। इससे हॉल गेट, रामबाग, रेलवे स्टेशन, क्रिस्टल चौक, कूपर रोड और आसपास की सड़कों पर दबाव बढ़ सकता है। पहले भी भंडारी पुल पर प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक रुकने पर इन इलाकों में लंबा जाम देखा गया है।
वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें: भंडारी पुल बंद होने के दौरान वाहन सवार अपनी दिशा के अनुसार रीगो ब्रिज/लोहगढ़ चौक, टैंक चौक, खालसा कॉलेज के सामने वाले नए पुल और शहर की अन्य लिंक सड़कों का इस्तेमाल कर सकते हैं। पुलिस की पुरानी ट्रैफिक एडवाइजरी में भी भंडारी पुल के विकल्प के तौर पर लोहगढ़-टैंक चौक-रीगो ब्रिज रूट बताया गया था।
दूसरी सड़कों पर असर पड़ सकता है: 2022 में भंडारी पुल के साथ दो समानांतर पुल शुरू होने से इसकी क्षमता बढ़ी और सामान्य समय में जाम कम हुआ था, लेकिन प्रदर्शन के दौरान पूरे भंडारी पुल कॉरिडोर पर चक्का जाम के कारण असर वैकल्पिक रास्तों पर भी पड़ना तय है।
डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के गले में जूतों का हार डाला: मंगलवार, 8 सितंबर की शाम को कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने लुधियाना में जालंधर बाईपास चौक पर स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के गले में जूतों का हार डाल दिया और प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ की। जैसे ही इस घटना की खबर फैली, वाल्मीकि और दलित समाज के लोगों में भारी गुस्सा फैल गया और वे बड़ी संख्या में चौक पर इकट्ठा हो गए।
दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम किया: गुस्साई भीड़ ने जालंधर बाईपास चौक पर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को ब्लॉक कर दिया। इसके कारण अमृतसर, जालंधर, दिल्ली, पटियाला और अंबाला की तरफ जाने वाले वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ADCP समीर वर्मा के समझाने और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देने के बाद करीब साढ़े 5 घंटे बाद हाईवे खोला जा सका। एकत्रित होकर अपमानित की गई डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का दूध से अभिषेक कर शुद्धीकरण किया और वहां पूजा-अर्चना की।
प्रतिमा का शुद्धीकरण हुआ: घटना के अगले दिन बुधवार सुबह दलित समुदाय के लोगों और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने