अमृतसर , (PNL) : देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर आज पंजाब समेत देश के कई राज्यों में किसानों ने केंद्र सरकार की नीतियों और प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में मोटरसाइकिल मार्च निकाला। अमृतसर सहित कई जिलों में हजारों किसान सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। किसान संगठनों का कहना है कि यह समझौता किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों के खिलाफ है। अमृतसर जिले के जंडियाला गुरु, मजीठा, अजनाला, लोपोके, चोगावां और बाबा बकाला समेत कई इलाकों से बड़ी संख्या में किसान इस मार्च में शामिल हुए। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता देश के कृषि, डेयरी, तिलहन उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि यह समझौता लागू होता है तो विदेशी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार और अधिक खुल जाएगा, जिससे किसानों और छोटे उद्योगों को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा। उनका आरोप है कि इसका सबसे ज्यादा असर किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
पंजाब के 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले गए
किसान नेता पंधेर ने बताया कि पंजाब के सभी 23 जिलों में मोटरसाइकिल मार्च निकाले गए, जिनमें किसान मजदूर मोर्चा, संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक), आजाद किसान मोर्चा समेत कई किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन, मोटरसाइकिल मार्च और साइकिल रैलियां आयोजित की गईं।
किसान मजदूर संघर्ष समिति के राज्य नेता सरवन सिंह पंधेर।
आमने-सामने बैठाकर तथ्यों के आधार पर चर्चा कराए
इस दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केंद्र सरकार को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा कि सरकार अपने विशेषज्ञों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को मीडिया के सामने आमने-सामने बैठाकर तथ्यों के आधार पर चर्चा कराए। उन्होंने कहा कि इससे देश के सामने स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
लैंड पूलिंग नीति को तुरंत वापस लेने की मांग
वहीं, किसानों ने पंजाब सरकार से लैंड पूलिंग नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की। उनका कहना है कि यह नीति किसानों के हितों के खिलाफ है और इसे वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।