चंडीगढ़ , (PNL) : पंजाब और चंडीगढ़ में बारिश और ओले गिरने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम में आए बदलाव के कारण तापमान में 8.5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। फिलहाल तापमान सामान्य से 12.4 डिग्री नीचे चल रहा है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, दो दिन (31 मई और 1 जून) गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
आज पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला, मोहाली और तरनतारन में गरज-चमक के साथ बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं। पटियाला में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
वहीं, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग का अनुमान है कि इसके बाद 4 जून तक मौसम शुष्क (ड्राई) रहेगा और हीट वेव से राहत बनी रहेगी।
नौतपा में देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C से ऊपर पहुंच गया है। हाई टेम्परेचर और ह्यूमिडिटी बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं। इससे दाद, खुजली और रैशेज जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते लक्षणों को पहचानकर बचाव के सही उपाय किए जाएं।
गर्मी के कारण दो असर
8126 मेगावाट तक बढ़ी बिजली डिमांड: पंजाब में गर्मी की वजह से शनिवार को बिजली की डिमांड 8126 मेगावाट तक पहुंच गई। इस दौरान पंजाब की खुद की जनरेशन 3600 मेगावाट के करीब थी, जबकि केंद्रीय पूल से 4563 मेगावाट ली गई है। हालांकि पिछले दिनों की तुलना में यह कम थी।
सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां घोषित: पंजाब सरकार की तरफ से सारे सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। अब स्कूल 1 जून से लेकर 30 जून तक बंद रहेंगे। स्कूल अब जुलाई में दोबारा खुलेंगे। इससे पहले चंडीगढ़ के स्कूलों में 23 मई से छुट्टियां चल रही हैं।
इस तरह मौसम की स्थिति बनी
दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ना शुरू कर चुका है। यह अब अरब सागर, लक्षद्वीप और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक पहुंच गया है। मानसून की “सीमा रेखा” अब भारत के दक्षिण और पूर्वी समुद्री क्षेत्रों तक बढ़ चुकी है, यानी बारिश देने वाली हवाएं धीरे-धीरे अंदर की तरफ बढ़ रही हैं। अगले 4–5 दिनों में मानसून और आगे बढ़ने के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल है।
इसका मतलब है कि केरल और तमिलनाडु के कुछ और हिस्सों में बारिश शुरू हो सकती है, बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों में भी मानसून फैल सकता है और धीरे-धीरे मानसून और राज्यों की तरफ आगे बढ़ेगा। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर एक चक्रवाती हवा के रूप में मौजूद है। यह ऊंचाई पर हवाओं के साथ जुड़ा हुआ सिस्टम है, जो उत्तर भारत में मौसम को प्रभावित कर सकता है।
8 डिग्री तक गिरेगा तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक, 31 मई, 1 जून और 5 जून को कुछ ही स्थानों पर बारिश हो सकती है। अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है, जिसके बाद तापमान फिर बढ़ सकता है।
अगले 3 दिन का मौसम
1 जून: पठानकोट, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है।
वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, नवांशहर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना और बरनाला के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।