गैंगस्टर जग्गू का करीबी FBI की मोस्ट वांटेंड सूची में:नीतिश पर है मर्डर-हथियार सप्लाई के आरोप, अरेस्ट वारंट हो चुका है जारी
Punjab News Live -PNL
July 15, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब
चंडीगढ़ , (PNL) : पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने उसके करीबी नीतिश कौशल उर्फ ‘लाला’ को अपनी मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किया है। नीतिश कौशल पर अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत अन्य क्षेत्रों में जग्गू भगवानपुरिया गैंग के लिए अपहरण, हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई और अन्य संगठित अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। इससे पहले 25 जून 2026 को यूनाइटेड स्टेट्स डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया ने उसके खिलाफ अमेरिका के RICO कानून के तहत संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
अब नीतिश कौशल के बारे में जानिए
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जग्गू का नेटवर्क विदेश तक पहुंचाया: नीतिश कौशल को जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप (OCG) का करीबी और सक्रिय सहयोगी माना जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, पंजाब से शुरू हुआ यह गैंग नीतिश कौशल जैसे सदस्यों की मदद से अमेरिका, कनाडा और कई यूरोपीय देशों तक अपना नेटवर्क फैलाने में सफल रहा।
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अमेरिका में जबरन वसूली के आरोप: आरोप है कि वह अमेरिका में गैंग के लिए जबरन वसूली और लोगों को डराने-धमकाने का काम करता था। कैलिफोर्निया और आसपास के क्षेत्रों में अपहरण, जानलेवा हमलों और हिंसक वारदातों की साजिश रचने तथा उन्हें अंजाम देने के भी आरोप हैं।
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किन अपराधों के आरोप?: अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, नीतिश कौशल जिस कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है, उस पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इनमें हत्या और हत्या की साजिश, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की तस्करी, मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और RICO एक्ट के तहत कार्रवाई शामिल है।
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‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत कार्रवाई: अमेरिकी न्याय विभाग, FBI, कनाडा की रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) और अन्य सहयोगी एजेंसियां मिलकर ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ चला रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य भारत, अमेरिका, कनाडा और यूरोप समेत कई देशों में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करना है।
एफबीआई की चेतावनी
एफबीआई ने नीतिश कौशल को हथियारबंद और बेहद खतरनाक श्रेणी में रखा है। एजेंसी के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल सकता है और फरार रहने का प्रयास कर सकता है।
एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को उसके संबंध में कोई जानकारी मिलती है तो वे खुद कोई कार्रवाई न करें, बल्कि तुरंत संबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी सूचना दें।