जालंधर , (PNL) : हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को पंजाब के नूरमहल स्थित दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के मुख्य आश्रम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान के संस्थापक एवं संचालक आशुतोष महाराज जी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विभिन्न सामाजिक, आध्यात्मिक और जनकल्याणकारी कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने संस्थान की ओर से चलाए जा रहे गौ-संरक्षण, जैविक खेती और पर्यावरण सुरक्षा जैसे प्रकल्पों को भारतीय संस्कृति और समाज सुधार की दिशा में मिसाल बताया। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संस्थान की ओर से संचालित ‘कामधेनु गौशाला’, जैविक कृषि और आयुर्वेदिक उत्पादों से जुड़ी गतिविधियों में विशेष रुचि दिखाई।
उन्होंने कहा कि यह संस्थान केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रसार ही नहीं कर रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, देशी नस्ल की गायों के संवर्धन और जहर-मुक्त खेती को बढ़ावा देकर समाज के स्वास्थ्य और संस्कृति की रक्षा में भी योगदान दे रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक उत्थान और जनकल्याण के क्षेत्र में जो कार्य कर रहा है, वह सराहनीय है।
देखिए CM सैनी के आश्रम दौरे की PHOTOS:-
CM सैनी का ज्योति जाग्रति संस्थान के मुख्य आश्रम का दौरा।
मुख्यमंत्री को गुलदस्ता भेंट करते हुए संत।
मानव सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
वरिष्ठ स्वामी जी महाराज एवं नेताओं के साथ विचार-विमर्श।
वरिष्ठ स्वामी जी महाराज एवं दिग्गज नेताओं के साथ विचार-विमर्श
आश्रम परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संस्थान के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने स्वामी परमानंद जी, स्वामी विश्वानंद जी, स्वामी गिरिधरानंद जी, स्वामी उमेशानंद जी, स्वामी चिन्मयानंद जी, स्वामी गुरुकृपानंद जी और स्वामी मनेश्वरानंद जी के साथ संस्थान की भावी सामाजिक एवं आध्यात्मिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, पूर्व सांसद जालंधर सुशील रिंकू और भाजपा जिलाध्यक्ष जगबीर सिंह बराड़ सहित अन्य नेताओं ने भी संस्थान की ओर से किए जा रहे सेवाकार्यों की सराहना की।
संस्थान से रहा है वर्षों पुराना आत्मीय जुड़ाव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान से अपने पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने बताया कि उनका संस्थान के साथ कई वर्षों से आत्मीय संबंध रहा है और वह समय-समय पर संस्थान के कार्यक्रमों एवं गतिविधियों से जुड़े रहे हैं।
अंत में मुख्यमंत्री ने संस्थान की ओर से समाजहित, जनकल्याण और मानव सेवा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संस्थान के स्वयंसेवकों और संतों को इन सेवाकार्यों को इसी निष्ठा और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।