लुधियाना, (PNL) : खन्ना में बैंक से जुड़ी जमीन नीलामी प्रक्रिया में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसमें आढ़ती हरीश कुमार सिंगला उर्फ लवली और कुछ बैंक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि गुरु कृपा राइस एंड जनरल मिल्स की 14 कनाल 9 मरले जमीन और राइस मिल, जो कि पंजाब नेशनल बैंक के पास गिरवी थी।
उसकी असली कीमत को जानबूझकर कम दिखाकर नीलामी प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। शिकायतकर्ता सुनीता के अनुसार, उनके परिवार की इस संपत्ति की वास्तविक कीमत छिपाने के लिए फर्जी मूल्यांकन रिपोर्ट तैयार की गई। आरोप है कि बैंक से जुड़े कुछ अधिकारियों ने अन्य सस्ती संपत्तियों की तस्वीरें और गलत लोकेशन का उपयोग कर दस्तावेजों में हेरफेर किय। जिससे संपत्ति की मार्केट वैल्यू काफी कम दर्शाई गई। नीलामी प्रक्रिया में यह भी सामने आया कि संपत्ति की रिजर्व प्राइस के लगभग बराबर ही बोली हरीश कुमार सिंगला द्वारा लगाई गई और आश्चर्यजनक रूप से कोई अन्य बोलीदाता शामिल नहीं हुआ। इससे पूरी नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विवादित राइस मिल की फोटो।
गोदाम मालिक बोले- अलग संपत्ति की फोटो का उपयोग किया गया
जांच के दौरान गोदाम मालिक धर्मपाल गुप्ता ने यह पुष्टि की कि नीलामी दस्तावेजों में जिन तस्वीरों का उपयोग किया गया था, वे उनकी अलग संपत्ति की थीं, जबकि वास्तविक मिल स्थल पूरी तरह अलग है। इस खुलासे ने मामले को और भी संदिग्ध बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, इस तरह के मामलों में पहले संपत्ति की वैल्यू जानबूझकर कम दिखाई जाती है।
फिर दस्तावेजों में गलत जानकारी डालकर नीलामी प्रक्रिया को प्रभावित किया जाता है। इसके बाद कथित मिलीभगत से चुने हुए खरीदार को कम कीमत पर संपत्ति दिलाई जाती है।पुलिस ने इस पूरे मामले में हरीश कुमार सिंगला और संबंधित बैंक अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज कर लिया है।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में कुछ और बैंक अधिकारी भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। मामला अब खन्ना और लुधियाना के कारोबारी हलकों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।