चंडीगढ़, (PNL) : पंजाब की सियासत से बड़ी खबर आ रही है। आम आदमी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में चमकौर साहिब विधानसभा हलके को लेकर पार्टी के भीतर बड़ा बदलाव किया गया है। पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन और आम आदमी पार्टी नेता जसवीर सिंह गढ़ी को चमकौर साहिब का नया हल्का इंचार्ज बनाया गया है।
गढ़ी की इस नियुक्ति को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चमकौर साहिब से इस समय आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. चरणजीत सिंह हैं। ऐसे में एक ही विधानसभा हलके में मौजूदा विधायक के साथ एक अलग वरिष्ठ नेता को हल्का इंचार्ज की जिम्मेदारी दिया जाना कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है।
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क्या विधायक के लिए खतरे की घंटी?
सियासी जानकार इस नियुक्ति को सिर्फ संगठनात्मक बदलाव के तौर पर नहीं देख रहे। चर्चा यह है कि आम आदमी पार्टी चमकौर साहिब में 2027 के चुनाव को लेकर अभी से अपनी रणनीति तैयार कर रही है और जसवीर सिंह गढ़ी को हलके में सक्रिय करना इसी रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
हालांकि हल्का इंचार्ज पार्टी संगठन का पद होता है और इससे मौजूदा विधायक की संवैधानिक शक्तियां खत्म नहीं होतीं। लेकिन पार्टी के स्तर पर हल्का इंचार्ज की भूमिका काफी अहम होती है। वह संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को लामबंद करने और चुनावी तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
चन्नी को हराकर विधायक बने थे डॉ. चरणजीत सिंह
चमकौर साहिब सीट का राजनीतिक इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. चरणजीत सिंह ने कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। डॉ. चरणजीत सिंह को 70,248 वोट मिले, जबकि चन्नी को 62,306 वोट मिले थे।
अब उसी चमकौर साहिब में जसवीर सिंह गढ़ी की एंट्री को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
क्या गढ़ी होंगे 2027 में AAP का चेहरा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर गढ़ी को लगातार चमकौर साहिब में सक्रिय किया जाता है तो क्या वह आने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के संभावित उम्मीदवार होंगे?
जसवीर सिंह गढ़ी पहले बहुजन समाज पार्टी की पंजाब इकाई के अध्यक्ष रह चुके हैं और बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए। फिलहाल वह पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और लगातार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
ऐसे में चमकौर साहिब में उनकी नियुक्ति को लेकर अब सियासी चर्चा गर्म है। क्या यह सिर्फ संगठन को मजबूत करने की कवायद है या फिर AAP ने 2027 के लिए चमकौर साहिब में अपना नया चेहरा तलाश लिया है—इसका जवाब आने वाले समय में साफ होगा।