गुरदासपुर में कत्ल किए गए दो पुलिस मुलाजिमों के मामले में पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का आया बड़ा बयान, पढ़ें
Punjab News Live -PNL
February 23, 2026
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न्यूज डेस्क, (PNL) : पंजाब के गुरदासपुर में दो पुलिस मुलाजिमों के कत्ल मामले को लेकर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का बड़ा बयान सामने आया है। भट्टी ने एक आडियो जारी करके एएसआई और होमगार्ड की गोली की मौत को लेकर पंजाब पुलिस पर निशाना साधा। भट्टी ने कहा कि ऐसे मामले तब सामने आते हैं जब लोग पुलिस के सताए होते हैं। पंजाब पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने कुछ दिनों में कई फेक एनकाउंटर किए हैं।
इन एनकाउंटर में कभी किसी तो कभी किसी गैंगस्टर का नाम जोड़ दिया। पुलिस की इस तरह की हरकतों का बदला लेने के लिए लोग गोली मारते हैं। भट्टी ने कहा कि हालांकि हो सकता है कि इस मामले में मरने वाले दोनों पुलिस वालों का कोई कसूर न हो।
जब कोई पुलिस की कार्यप्रणाली से दुखी होता है और उसे टार्गेटेड पुलिस अधिकारी नहीं मिल रहा होता है तो गुस्सा निकालने के लिए जो भी सामने आता है वो शिकार बन जाता है।
यह एक बहुत ही दुखद समाचार है कि इंडिया के पंजाब में दौरान्गला पुलिस स्टेशन के दो पुलिसकर्मियों की रात में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस खबर को सुनकर बहुत अफसोस हुआ, लेकिन इसके साथ ही कई सवाल भी खड़े होते हैं।
पंजाब सरकार-पुलिस के दावे खोखले- भारत सरकार और पुलिस जो बड़े-बड़े दावे करती है, इस तरह की घटनाओं को देखकर लगता है कि वे दावे खोखले हैं। जब पुलिसकर्मियों पर इस तरह के हमले होते हैं, तो उसकी एक वजह यह भी होती है कि जब आप निर्दोष लोगों को पकड़कर उन पर झूठे मुकदमे करते हैं या झूठे पर्चे दर्ज करते हैं, तब ऐसी घटनाएं होती हैं।
गलत आरोपों पर लिया जाता है बदला-इसके अलावा, जो फर्जी एनकाउंटर (फेक एनकाउंटर) किए जाते हैं, जहां किसी को भी पकड़कर मार दिया जाता है और कह दिया जाता है कि वह फलां गैंगस्टर का आदमी था, तब लोग बदला लेने पर उतारू हो जाते हैं। हो सकता है कि जिन दो पुलिसवालों की जान गई है, उनका इसमें कोई लेना-देना न हो, लेकिन जो बदला लेना चाहते हैं, वे यह नहीं देखते कि सामने कौन है। उनके हाथ जो भी आता है, वे अपना गुस्सा निकालते हैं।
इन कत्ल का सच सामने आना चाहिए- इसलिए, पुलिस को चाहिए कि न तो झूठे एनकाउंटर करे और न ही लोगों पर झूठे केस डाले। मीडिया में जो पंजाब पुलिस या अन्य पुलिस बल दावे करते हैं, वे ऐसी वीडियो आने के बाद झूठे साबित होते हैं। शायद वे इस वीडियो को भी सच न मानें, लेकिन मैं मीडिया वालों से कहूंगा कि वे उस पुलिस स्टेशन और इलाके में जाएं और इस खबर को सामने लाएं। मारे गए पुलिसकर्मियों के परिवारों को इंसाफ मिलना चाहिए और उन्हें पता होना चाहिए कि उनके परिजनों के साथ क्या हुआ। पुलिस को झूठे पर्चे, झूठे केस और फर्जी एनकाउंटर करना बंद कर देना चाहिए।