चंडीगढ़ , (PNL) ; चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत नागरा उर्फ चीनी की हत्या करने वाले दोनों आरोपियों को हरियाणा में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ कैथल में हुई। ये कार्रवाई पंजाब एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने की।
AGTF के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में टीम ने भी कार्रवाई की। इस दौरान दोनों आरोपी घायल हो गए। आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक और हथियार बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजन उर्फ पीयूष पहलवान निवासी फिरोजपुर और प्रीतम शाह निवासी नवांशहर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक राजन कुछ समय पहले मलेशिया से नेपाल के रास्ते अवैध तरीके से भारत लौटा था। दोनों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। चमनप्रीत का परिवार इनकी गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम न कराने पर अड़ा था।
स्पेशल डीजीपी (AGTF) प्रमोद भान ने बताया कि दोनों आरोपी अभी घायल हैं। उनसे पूछताछ के बाद मामले में अन्य खुलासे होंगे। मौके पर दोनों से तीन पिस्तल बरामद हुई हैं। आगे की जांच अभी जारी है।
AGTF ने ट्रेस कर हरियाणा में किया एनकाउंटर एनकाउंटर का पूरा ऑपरेशन AGTF के एसपी विक्रम बराड़ की अगुआई में किया गया। घटना के कुछ ही समय बाद एजीटीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई थी, जबकि दूसरी टीम आरोपियों को ट्रेस करने में जुट गई।
जैसे ही आरोपी चंडीगढ़ से निकलकर मोहाली में दाखिल हुए, टीम ने उनकी लोकेशन ट्रैक करनी शुरू कर दी। इसके बाद एसपी विक्रम बराड़ की अगुआई में टीम उनका पीछा करते हुए हरियाणा पहुंची।
प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह पर गाड़ी के बाहर से ही ताबड़तोड़ गोलियां मारी गईं।
चचेरा भाई बोला- दो महिलाओं पर शक चमनप्रीत के चाचा के बेटे मेजर ने बताया कि उन्हें दो महिलाओं पर शक है, जो उनके गांव की नहीं हैं। मेजर ने बताया कि उसने एक महिला से बात की तो उसने दूसरी महिला का नाम बताया। महिला ने यह भी कहा कि फायरिंग के समय आरोपियों की एक गाड़ी भी वहां मौजूद थी, जिसमें करीब 8 लोग सवार थे। इन महिलाओं के नाम पुलिस को दिए जाएंगे।
मेजर ने बताया कि आरोपियों को चमनप्रीत की जिम आने-जाने की पूरी जानकारी थी। इससे अंदेशा है कि जिम के आसपास का ही कोई व्यक्ति उसकी रेकी कर रहा था। इसमें इन महिलाओं की भी भूमिका हो सकती है।
गांव के सरपंच हरविंद्र सिंह ने बताया कि चमनप्रीत अपने दो दोस्तों के साथ जिम जाता था। घटना वाले दिन एक्सरसाइज के बाद उसने दोस्तों से कहा कि उसे कुछ काम है, इसलिए वह पहले जा रहा है। साथ ही उसने दोनों को दूसरी गाड़ी से आने को कहा।
गवर्नर ने पुलिस अफसर तलब किए वहीं, पंजाब यूनिवर्सिटी के अंदर फायरिंग और उसके अगले दिन सेक्टर 9 में प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने चंडीगढ़ पुलिस के सीनियर अफसरों को गवर्नर हाउस में बुलाया है।
सेक्टर 3 के पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद परिजन और दोस्त।
थ्रेट कॉल के कारण चंडीगढ़ आता था वहीं दोस्त बलकार सिंह ने मामले में कई खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा- चमनप्रीत नागरा और मुझे काफी समय से थ्रेट कॉल्स आ रही थीं। वह हमेशा हमारी मदद करता था, अफसरों के पास लेकर जाता था।
बलकार सिंह ने बताया- इन थ्रेट कॉल्स की वजह से चमनप्रीत चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में जिम करने जाता था। वह कहता था कि सेफ जगह है। वहां वीआईपी लोग आते हैं। वहां मुझे कोई कुछ नहीं कर सकता। लेकिन वहां आकर भी उसे गोलियां मार गए।
उन्होंने कहा- मेरा और चमनप्रीत का प्रशासन ने आर्म्स लाइसेंस नहीं बनाया। अब प्रशासन लाइसेंस अपने पास रख ले। हमारा तो भाई अब लौटकर नहीं आएगा। चमनप्रीत की हत्या की प्लानिंग 2-3 से चल रही थी।
12 गोलियां मारी थी, गैंगस्टर लक्की पटियाल ने जिम्मेदारी ली बता दें कि बुधवार को जिम से निकलने के बाद चमनप्रीत की 12 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर लक्की पटियाल ने ली है। चमनप्रीत मुल्लांपुर (मोहाली) के कुब्बाहेड़ी गांव में रहता था।