न्यूज डेस्क, (PNL) : कनाडा में हुई पंजाबी इन्फ्लुएंसर, सिंगर और नर्स नैंसी ग्रेवाल की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है। इस पोस्ट में गैंगस्टर आकाश हरिके और सुख संधू ग्रुप ने नैंसी की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में कहा गया है कि नैंसी ग्रेवाल उनके धर्म के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां करती थी। इसी कारण उसे मार दिया गया। हालांकि, दैनिक सवेरा सोशल मीडिया पर डाली गई इस पोस्ट की पुष्टि नहीं करता। फिलहाल जांच एजेंसियों ने इस पोस्ट की सच्चाई की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नैंसी ग्रेवाल सोशल मीडिया पर खालिस्तान के खिलाफ बोलती थी। इसी वजह से वह कट्टरपंथी लोगों के निशाने पर आ गई थी। गैंगस्टर आकाश हरिके ने एक पोस्ट में कहा कि नैंसी धर्म के खिलाफ बोलती थी, इसलिए उसे खत्म कर दिया गया।नैंसी ग्रेवाल साल 2018 में कनाडा चली गई थी। वहां जाने के बाद वह कई बार विवादों में रही। वह सोशल मीडिया पर कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती थी और कई लोगों पर विवादित टिप्पणियां भी करती थी। कहा जा रहा है कि यही विवादित बयान और सोशल मीडिया पोस्ट धीरे-धीरे उसके लिए खतरा बनते गए।
गस्टर आकाश हरीके और सुखा संधू ने ली जिम्मेदारी
आकाश हरीके और सुखा संधू ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली है। इंस्टाग्राम पर आकाश हरीके नाम से बनी आईडी पर लिखा है..
वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह। जो विंडसर, ओंटारियो (कनाडा) में नैंसी ग्रेवाल का कत्ल हुआ है, यह काम हमारे भाइयों ने किया है।इसकी जिम्मेदारी मैं आकाश हरीके और सुखा संधू लेते हैं। यह महिला धर्म और खालिस्तान के बारे में गलत बोलती थी, और उसे इसका परिणाम मिल गया है। बाकी हमारा किसी भी धर्म के साथ कोई दुश्मनी नहीं है। लेकिन जो भी इसके जैसे कौम के खिलाफ बोलेगा, उसका यही हाल होगा।
नैंसी ने कनाडा के कुछ गुरुद्वारों में खालिस्तानी समर्थकों के कब्जे से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। इन वीडियो के बाद वह कट्टरपंथी समूहों के निशाने पर आ गई थी। इसके बाद से ही उसे लगातार धमकियां मिलने लगी थीं। परिवार के अनुसार नैंसी पर इससे पहले भी दो बार हमले हो चुके थे। लेकिन उन दोनों बार वह बच गई थी। इन घटनाओं के बाद भी नैंसी ने अपने विचारों को बदलने से इनकार कर दिया था। नैंसी की मां ने बताया कि उनकी बेटी बहुत निडर थी और किसी से डरती नहीं थी। यही उसकी मौत की सबसे बड़ी वजह बन गई। मां के अनुसार खालिस्तानी समर्थक चाहते थे कि नैंसी उनके साथ काम करे और अपने पुराने बयानों के लिए माफी मांगे। लेकिन नैंसी ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया था। नैंसी की मां ने दुख जताते हुए कहा कि अगर वहां कोई संघर्ष या तनाव नहीं होता तो शायद वह भी बेटी के साथ होतीं और आज उनकी बेटी जिंदा होती। परिवार का कहना है कि नैंसी ने हमेशा अपनी बात खुलकर रखी, लेकिन उसकी इसी बेबाकी ने उसे दुश्मनों के निशाने पर ला दिया।