जालंधर , (PNL) : मुस्लिम संगठन पंजाब के अध्यक्ष और मानवाधिकार वर्कर एडवोकेट नईम खान ने भारत सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग करते हुए ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम भेजा। यह मेमोरेंडम डिप्टी कमिश्नर जालंधर वरजीत सिंह वालिया के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजने का अनुरोध किया गया।
मेमोरेंडम में कहा गया है कि गाय भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक, कृषि, आर्थिक और पर्यावरणीय विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। संगठन ने कहा कि देश की विविधता और एकता को मजबूत करने के लिए विभिन्न समुदायों के धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान आवश्यक है।
मुस्लिम संगठन पंजाब प्रधान एडवोकेट नईम खान ने बताया कि गाय करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और उसके प्रति सम्मान राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देता है। संगठन ने कहा कि इस्लाम भी अन्य धर्मों की भावनाओं और मान्यताओं का सम्मान करने तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की शिक्षा देता है।
ज्ञापन में गाय के कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया कि दूध उत्पादन के अलावा गोबर और अन्य उत्पाद जैविक खेती, टिकाऊ कृषि और ग्रामीण आजीविका के लिए महत्वपूर्ण हैं।
संविधान के अनुच्छेद 48 के अनुसार गौ संरक्षण जरूरी नईम खान ने संविधान के अनुच्छेद 48 का हवाला देते हुए कहा कि राज्य को गायों और उनके बछड़ों के संरक्षण तथा नस्ल सुधार के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करना संविधान की भावना के अनुरूप होगा।
मेमोरेडम में सरकार से मांग की गई कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देकर उसके संरक्षण और सम्मान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। नईम खान एडवोकेट ने कहा कि उनकी यह पहल सामाजिक सद्भाव, आपसी सम्मान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की भावना से प्रेरित है। उन्होंने उपायुक्त जालंधर से ज्ञापन को प्रधानमंत्री तक अग्रेषित करने का अनुरोध किया है। मॉब लींचिंग की घटनाओं पर जताई चिंता एडवोकेट नईम खान ने कहा कि देश में गाय के नाम पर पंजाब सहित सेहत के कई हिस्सों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। इनको रोका जाना चाहिए और तस्करी पर रोक लगनी चाहिए। नईम खान ने कहा कि गौ तस्करी की आड़ में कई लोग दूसरे धर्म के लोगों को निशाना बनाते हैं। इस तरह के तत्वों को पकड़ा जाना चाहिए और सख्त सजा मिलनी चाहिए।