चंडीगढ़-मोहाली में बारिश से मौसम हुआ ठंडा:अधिकतम तापमान 2.2 डिग्री तक गिरा; डैम अभी खतरे के निशान से नीचे
Punjab News Live -PNL
August 7, 2026
चंडीगढ़, ताजा खबर, पंजाब
चंडीगढ़ , (PNL) : चंडीगढ़ और मोहाली में गुरुवार (7 अगस्त) सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ ने पंजाब के सभी जिलों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और एक-दो दौर की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान जारी किया गया है। बारिश के बीच राज्य के अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद अधिकतम तापमान सामान्य से 2.2 डिग्री नीचे पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक 36 डिग्री सेल्सियस तापमान श्री आनंदपुर साहिब में रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, मानसून सीजन में अब तक पंजाब में सामान्य से 30% कम बारिश दर्ज की गई है।
भारत मौसम विज्ञान केंद्र (आईएमडी) के अनुसार गुरुवार सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सबसे ज्यादा 18 मिमी बारिश होशियारपुर में दर्ज की गई। इसके अलावा लुधियाना (11.5 मिमी), फतेहगढ़ साहिब (11 मिमी), चंडीगढ़ (10.7 मिमी), लुधियाना शहर (5.4 मिमी), भाखड़ा डैम क्षेत्र (5 मिमी), आनंदपुर साहिब (0.5 मिमी) और पटियाला (0.4 मिमी) में भी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं अमृतसर, गुरदासपुर, कपूरथला, फिरोजपुर, फाजिल्का, संगरूर और तरनतारन समेत कई जिलों में इस दौरान बारिश दर्ज नहीं हुई।मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक मानसून ट्रफ इस समय फिरोजपुर से होकर गुजर रही है, जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत पर सक्रिय है। इन दोनों सिस्टम के असर से अगले 7 दिनों तक पंजाब में मौसम बदला रहेगा।कई जगह हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होगी और उमस से राहत मिल सकती है।
बारिश के कारण भाखड़ा और पोंग डैम में पानी की आवक बढ़ी हुई है, लेकिन दोनों डैम अभी खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर 1607.95 फीट है, जबकि खतरे का निशान 1680 फीट है। पोंग डैम का जलस्तर 1344.4 फीट है और खतरे का निशान 1400 फीट है।भाखड़ा में 41,392 क्यूसेक पानी आ रहा है और 22,693 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। पोंग में 34,538 क्यूसेक पानी की आवक है, जबकि 13,450 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।बारिश होने की वजह से राज्य में बिजली की मांग कमी आई। गुरुवार को बिजली की डिमांड 13,080 मेगावाट तक पहुंच गई है। इस दौरान राज्य ने 5,002 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि जरूरत पूरी करने के लिए 8,119 मेगावाट बिजली राष्ट्रीय ग्रिड से ली जा रही है। ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 49.98 हर्ट्ज दर्ज की गई, जिससे फिलहाल बिजली आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।