लुधियाना में 5 वर्षीय बच्ची की मौत पर हंगामा:परिजनों का आरोप-डॉक्टर ने दी गलत दवाई; क्लिनिक के बाहर जुटी भीड़, पुलिस कर रही जांच
Punjab News Live -PNL
October 19, 2026
ताजा खबर, पंजाब, लुधियाना
लुधियाना , (PNL) : लुधियाना में 5 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा हो गया। मृतका के परिजनों ने ‘सिंह क्लिनिक’ के डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और गलत दवाइयां (सिरप) देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों संग बड़ी संख्या में लोग क्लिनिक पर एकत्र हो गए और डॉक्टर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम और गुस्साए परिजनों के बीच तीखी बहस भी हुई। मृतक बच्ची की पहचान 5 वर्षीय संध्या के रूप में हुई है।परिजनों के अनुसार, बच्ची कई दिनों से बीमार चल रही थी और उसका इलाज सिंह क्लिनिक से कराया जा रहा था। आरोप है कि बच्ची की स्थिति लगातार बिगड़ने के बावजूद डॉक्टर ने उसे किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया, जिससे समय पर सही इलाज न मिलने के कारण बच्ची की जान चली गई।
कई दिनों से थी बच्ची बीमार
परिजनों का कहना है कि 5 वर्षीय बच्ची संध्या को पिछले कुछ दिनों से बुखार और अस्वस्थता की शिकायत थी। परिवार के लोग उसे पास ही स्थित ‘सिंह क्लिनिक’ ले गए, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में लगातार दवाइयां दिए जाने के बाद भी बच्ची की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था, बल्कि उसकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। इसके बावजूद क्लिनिक संचालक ने उसे किसी बेहतर स्वास्थ्य केंद्र या विशेषज्ञ अस्पताल जाने की सलाह नहीं दी।
रेफर कर देते तो बच जाती बच्ची की जान’
मृतक बच्ची के चाचा आकाश ने रोते हुए क्लिनिक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर को समझ आ रहा था कि उसकी दवाई से बच्ची की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है और उसकी हालत गंभीर हो रही है, तो उसे क्लिनिक में रखकर गलत दवाइयां देने के बजाय तुरंत किसी बड़े अस्पताल रेफर कर देना चाहिए था। डॉक्टर की लापरवाही और गलत इलाज की वजह से ही हमारी बच्ची आज हमारे बीच नहीं है। बच्ची की अचानक मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। गुस्साए परिजनों ने क्लिनिक पहुंचकर डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पुलिस और परिजनों के बीच हुई नोकझोंक
घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद थाना टिब्बा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान गुस्साए परिजनों और कुछ स्थानीय निवासियों की मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ बहस हो गई। लोग डॉक्टर के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को शांत करवाया और आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कानूनी कार्रवाई होगी। जांच अधिकारी (SI) जसप्रीत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में डॉक्टर ने बताया कि उसने बच्ची को कोई हैवी डोज या गलत इंजेक्शन नहीं दिया था, बल्कि केवल दो सामान्य सिरप पीने के लिए दिए थे। पुलिस अब क्लिनिक से मिली दवाइयों के सैंपल और पर्चों को कब्जे में लेकर जांच कर रही है ताकि मौत के असल कारणों और इलाज के दौरान दी गई दवाओं का विवरण स्पष्ट हो सके।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
सोमवार सुबह तक पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले में कोई औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक संवेदनशील और मेडिकल जांच से जुड़ा मामला है। उनका कहना है कि बच्ची का पोस्टमार्टम करवाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।