न्यूज डेस्क, (PNL) : ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों पर भी पड़ने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई पंजाबी परिवार फंस गए हैं। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक हैं, जो घूमने के लिए अलग-अलग देशों में गए थे। लेकिन मौजूदा हालात के चलते फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं, जिससे वे अपने घर वापस नहीं लौट पा रहे हैं। पंजाब सरकार के एनआरआई मामलों के मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने यूएई में फंसे लोगों से फोन पर बात की। एक परिवार ने उन्हें बताया कि एयरपोर्ट पर उनके साथ करीब 60 से 70 पंजाबी परिवार और भी मौजूद हैं। ये सभी लोग घूमने के लिए गए थे और शनिवार को शारजाह से अमृतसर लौटने वाले थे लेकिन अचानक फ्लाइट्स बंद होने से वे वहीं फंस गए। परिवार ने उन्होंने भारतीय दूतावास से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नंबर लगातार व्यस्त आ रहा है, जिससे बात नहीं हो पा रही है।
फंसे हुए लोगों ने बताया कि उन्हें एक रात होटल में गुजारनी पड़ी। हालांकि बाद में शनिवार सुबह एक परिचित व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद वे उसके घर चले गए। फिलहाल वे लगातार दूतावास और अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जल्द से जल्द भारत लौट सकें। इसी बीच बठिंडा का एक दंपती भी दुबई एयरपोर्ट बंद होने के कारण वहां फंसा हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके पास अब पैसे खत्म हो चुके हैं और जरूरी दवाइयों की भी कमी है। उन्होंने केंद्र सरकार से जल्द मदद की गुहार लगाई है। इस मामले का एक वीडियो पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें पीड़ितों ने अपनी परेशानी बताई है। डॉ. रवजोत सिंह ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि यूएई में फंसे पंजाब के लोगों को सुरक्षित भारत लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं। हालात चिंताजनक हैं और इस मुद्दे पर जल्द बैठक बुलाकर ठोस निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। वहीं पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट के कई देशों में हजारों पंजाबी और भारतीय काम करते हैं या घूमने गए हुए हैं। मौजूदा संकट के कारण उन्हें सरकार की मदद की जरूरत है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री से अपील की है कि फंसे हुए लोगों को जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए।