चंडीगढ़, PNL) : चंडीगढ़ स्थित पंजाब सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद वीरवार को सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। इसके साथ ही पंजाब के 5 मंदिरों को भी उड़ाने की धमकी मिली है। ई-मेल किस आईडी से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं इसका पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
धमकी में जिन मंदिरों के नाम लिखे हैं उनमें दुर्ग्याणा मंदिर (अमृतसर), मुक्तेश्वर मंदिर (पठानकोट), देवी तालाब मंदिर (जालंधर), माइसरखाना मंदिर (बठिंडा) और काली माता मंदिर (पटियाला) शामिल हैं। ईमेल में लिखा है कि दोपहर 1:11 से 3:11 बजे के बीच धमाके होंगे। 6 जून, 1984 को गोल्डन टेंपल पर हुए अटैक बदला लेंगे।
भवन के अलग-अलग हिस्सों की जांच
सचिवालय के कंट्रोल रूम को धमकी भरा ई-मेल मिला, जिसमें परिसर में बम होने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। सचिवालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने भवन के अलग-अलग हिस्सों की गहन जांच की। हालांकि प्रारंभिक जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
जानिए ई-मेल में क्या लिखा-
खालिस्तान जिंदाबाद
हिंदू मंदिरों को निशाना बनाकर बम और ग्रेनेड हमले किए जाएंगे।
पंजाब सचिवालय दोपहर 1:11 बजे से 3:11 बजे के बीच।
अंबाला-दिल्ली (5-6 जून)
अपने बच्चों को बचाओ।
कोई भी सफर मत करो।
बदला, बदला, बदला
6 जून 1984 को अमृतसर के दरबार साहिब में हिंदुस्तानी फौज की कार्रवाई का बदला।
चंडीगढ़ और पंजाब के हिंदुओं ने संत भिंडरांवाले की शहादत वाले दिन 6 जून को मिठाई और लड्डू बांटे थे।
ई-मेल पर मिली धमकी की कॉपी।
पहले भी मिल चुकी धमकियां
पिछले कुछ महीनों के दौरान चंडीगढ़ और मोहाली के कई महत्वपूर्ण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले शहर के कई स्कूलों, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, जिला अदालतों और पासपोर्ट कार्यालय को भी ई-मेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी।
हर मामले में पुलिस, बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन जांच के दौरान कहीं भी कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। अधिकांश मामलों में ये धमकियां अफवाह या शरारती तत्वों द्वारा भेजे गए संदेश साबित हुईं।