चंडीगढ़, (PNL) : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच के अनुरूप पंजाब सरकार द्वारा जल्द लागू की जाने वाली 10 लाख रुपये की नकदी रहित स्वास्थ्य बीमा पहल के विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज प्रमुख निजी अस्पतालों को मुख्यमंत्री सेहत योजना (एम.एम.एस.वाई.) के तहत सूचीबद्ध होकर पंजाब के लोगों को व्यापक स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने संबंधी पंजाब सरकार के इस नेक प्रयास में शामिल होने का न्योता दिया।
स्वास्थ्य मंत्री, जिनके साथ प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कुमार राहुल तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सी.ई.ओ.) राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एस.एच.ए.) संयम अग्रवाल भी मौजूद थे, यहां राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के कार्यालय में प्रमुख निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने प्रदेश के हर परिवार को मानक एवं नकदी रहित स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच प्रदान करने संबंधी पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। एम.एम.एस.वाई. के तहत प्रति परिवार 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आम आदमी के कंधों से चिकित्सा उपचार के वित्तीय बोझ को दूर करना है।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एक मजबूत स्वास्थ्य देखभाल इकोसिस्टम स्थापित करना है ताकि पंजाब का कोई भी निवासी धन की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सिहत योजना इस दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है और इसकी सफलता के लिए निजी अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है।
इस बात पर जोर देते हुए कि निजी अस्पताल एम.एम.एस.वाई. के सफल कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण साझेदार हैं, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों से मिल रहा उत्साहजनक प्रतिक्रिया पंजाब भर में इस योजना की पहुंच को और मजबूत करेगा। कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि इस योजना को पारदर्शिता एवं कार्य-कुशलता के नजरिए से पूरी सोच-विचार के बाद तैयार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका लाभ जमीनी स्तर पर पंजाब के हर निवासी तक पहुंचे।
उन्होंने अस्पतालों से अपील की कि वे इस योजना के तहत सूचीबद्ध होने संबंधी औपचारिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंजाब के निवासियों को जल्द से जल्द इस योजना का लाभ मिलना शुरू हो सके।
इस बैठक में मैक्स, फोर्टिस, शाल्बी एवं लिवासा अस्पताल समेत अन्य उच्च-स्तरीय निजी स्वास्थ्य देखभाल प्रदाताओं ने पूरे उत्साह से हिस्सा लिया। इन अस्पतालों के प्रतिनिधियों ने इस योजना में शामिल होने के लिए गहरी रुचि दिखाई तथा एक सहयोगी एवं जन-केंद्रित स्वास्थ्य देखभाल मॉडल तैयार करने के लिए राज्य सरकार की सक्रिय पहल की सराहना की।
इस वार्ता सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह एवं राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के सी.ई.ओ. संयम अग्रवाल ने इन अस्पतालों के प्रतिनिधियों द्वारा उपचार पैकेजों, सूचीबद्ध होने की प्रक्रिया एवं कैशलेस इंटरफेस के तकनीकी पहलुओं बारे उठाए गए विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए।
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