पठानकोट, (PNL) : श्री अमरनाथ की पवित्र यात्रा आज यानि 3 जुलाई से विधिवत रूप से शुरू हो गई है। बालटाल और पहलगाम के रास्ते भक्त यात्रा कर रहे हैं। भोले के भक्तों के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए पंजाब की पठानकोट पुलिस, सिविल प्रशासन और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने अपनी कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर नंगलभूर से लेकर सुजानपुर-माधोपुर तक विशेष इंतजाम किए गए हैं।
इस पूरे रूट पर 5 प्रमुख जगहों पर 24 घंटे लंगर (भंडारे), मेडिकल कैंप, शौचालय और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई है। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा और सेवा को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर पंजाब पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है।
2 लंगरों की शुरूआत, 3 में 5 जुलाई से मिलेगी खाने-ठहरने की सुविधा श्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय संस्थाएं बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं। जय शिव दीप सेवा सोसायटी, अमृतसर और अमरनाथ बर्फानी काली माता मंदिर समिति की ओर से लंगरों की शुरूआत कर दी गई है। जबकि, श्री हर-हर महादेव सेवा सोसायटी, युवा एकता क्लब और जय बाबा श्री अमरनाथ सेवा समिति की ओर से 3 से 5 जुलाई से लंगर शुरू कर दिए जाएंगे।
जहां शिव भक्तों को रहने, खाने के साथ-साथ मेडिकल सुविधा भी मिलेगी। जय शिव दीप सेवा सोसायटी, अमृतसर के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि भंडारा शुरू कर दिया है। शिवभक्तों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है।
इन प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे लंगर।
मिर्जापुर में कैबिनेट मंत्री करेंगे लंगर की शुरूआत ‘श्री हर-हर महादेव सेवा सोसायटी’ द्वारा जम्मू-नेशनल हाईवे पर स्थित पुल नंबर-4 सुजानपुर में विशेष व्यवस्था की गई है। सोसायटी के प्रधान रूपेश महाजन ने बताया कि इस बार संस्था द्वारा 22वां विशाल भंडारा लगाया जा रहा है। 5 जुलाई को विशेष पूजा-अर्चना के बाद इस भंडारे का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
इस भंडारा स्थल पर न केवल 24 घंटे भोजन की व्यवस्था होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और दवाइयां भी उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही, सुजानपुर में करीब 100 श्रद्धालुओं के रात में ठहरने के लिए एक भव्य सराय भी तैयार की गई है, ताकि लंबी यात्रा से थके भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो।
वहीं, जय बाबा श्री अमरनाथ सेवा समिति के सदस्य शलभ महाजन (भानू) ने जानकारी दी कि पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर स्थित पीर बाबा दरगाह गांव मिर्जापुर सुजानपुर में भी 5 जुलाई से भंडारा शुरू होगा। इस भंडारे का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारूचक्क करेंगे। यह लंगर भी दिन-रात लगातार सेवा में रहेगा।
सुजानपुर में लंगर के लिए लगाया गया पंडाल।
सीसीटीवी कैमरे और बुलेट प्रूफ मोर्चे तैनात अमरनाथ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद किया गया है। पंजाब पुलिस के साथ-साथ भारतीय सेना, पंजाब आर्म्ड पुलिस, स्पैशन ऑपरेशन गार्ड, आर्मी, बीएसएफ और वायुसेना के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। इनमें पूरे रूट पर वायु सेना आसमान से नजर रखेगी। आर्मी क्यूआरटी और बीएसएफ गश्त का काम संभालेंगी। जबकि, एसओजी, पीएपी, आर्मी और आरएएफ नाकों, लंगरों और इंटरस्टेट नाकों पर तैनात की गई है।
लंगर पंडाल में प्रसाद ग्रहण करते श्रद्धालु।
पूरे हाईवे पर रहेगी नजर सुरक्षा ग्रिड और सघन गश्त: पटियाला के शंभू बैरियर से लेकर पठानकोट तक के पूरे यात्रा मार्ग को एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड के तहत कवर किया गया है। लखनपुर से लेकर माधोपुर नाका तक और अमृतसर से पठानकोट (गोल चौक) तक के रास्तों पर पुलिस की सघन पेट्रोलिंग और सख्त नाकेबंदी रहेगी। इसके अलावा बठिंडा, बरनाला और लुधियाना से आने वाले मुख्य मार्गों पर भी कड़ा पहरा है। लंगरों पर पैनी नजर: सभी भंडारा स्थलों और लंगरों में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही बुलेट प्रूफ मोर्चे और ‘एसओजी’ के विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं। मेडिकल व हाईवे इमरजेंसी: किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति के लिए प्रत्येक क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस सेवाएं, टो-वाहन और हाइड्रा मशीनें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं। इसके साथ ही माधोपुर नाके पर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग और तलाशी ली जा रही है। पहले जत्थे के 26 वाहनों में 355 श्रद्धालु रवाना श्री अमरनाथ यात्रा-2026 के लिए के कोने-कोने से आए भोले के भक्तों के पहले जत्थे को लखनपुर रिसेप्शन सेंटर से जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप के लिए रवाना कर दिया गया। एसएसपी कठुआ ने खुद मौके पर मौजूद रहकर तीर्थयात्रियों की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच रवाना हुए इस पहले जत्थे की निगरानी के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की विशेष एस्कॉर्ट (सुरक्षा दस्ता) साथ भेजी गई है। जिनमें 26 वाहनों में 355 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।